केदारनाथ यात्रा पर बारिश की मार, बोल्डर गिरने से 6 घंटे रुका पैदल मार्ग
Kedarnath Yatra 2026: लगातार बारिश के बीच पैदल मार्ग के एक संवेदनशील हिस्से में पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल आवाजाही रोक दी.

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है. शुक्रवार को केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर पहाड़ी से अचानक बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण यात्रा को एहतियातन रोकना पड़ा. करीब छह घंटे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित रही. हालात सामान्य होने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद यात्रियों को पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा गया.
बताया गया कि सुबह के समय लगातार बारिश के बीच पैदल मार्ग के एक संवेदनशील हिस्से में पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल आवाजाही रोक दी, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो. सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं.
छह घंटे तक रुकी रही यात्रा
बोल्डर गिरने की घटना के बाद करीब छह घंटे तक पैदल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही बंद रही, इस दौरान दोनों ओर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया. मार्ग से मलबा हटाने और पहाड़ी की स्थिति का लगातार निरीक्षण किया गया.जब विशेषज्ञों और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित माना, तब यात्रा को दोबारा शुरू कराया गया.
सुरक्षा घेरे में पार कराए गए श्रद्धालु
यात्रा शुरू होने के बाद प्रशासन ने किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया. सुरक्षा बलों की निगरानी में श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे समूहों में संवेदनशील क्षेत्र से पार कराया गया. अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे जल्दबाजी न करें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.
लगातार बारिश से बढ़ी चुनौती
मानसून सक्रिय होने के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है. पिछले कुछ दिनों से रुद्रप्रयाग जिले में कई स्थानों पर बारिश के चलते सड़कें और पैदल मार्ग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने भी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है.
मौसम अपडेट लेकर ही करें यात्रा
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यात्रा मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लें. खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचें. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा संचालन को नियंत्रित किया जाएगा.
चारधाम यात्रा पर मौसम की पैनी नजर
लगातार हो रही बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तैनात हैं. प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु बनी रहे.

























