यूपी के अस्पतालों को भारत सरकार मिला ये खास सर्टिफिकेट, ग्रामीणों को अब नहीं पड़ेगा शहर
NQAS यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड भारत सरकार की एक योजना है. जिसके तहत सरकारी अस्पतालों को साफ-सफाई समेत कई अन्य तय मानकों पर खरा उतरने पर यह सर्टिफिकेट दिया जाता है.

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कोशिशों से राज्य के सरकारी अस्पताल अब निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं देने लगे हैं. इसी का नतीजा है कि लखनऊ के बक्शी का तालाब (BKT) कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) का प्रमाणपत्र मिला है. यह प्रदेश का पहला ऐसा CHC है जिसे यह सम्मान मिला है. यहां अब मरीजों को बेहतर इलाज, साफ-सफाई, व्यवहार और दवाएं मुफ्त में मिल रही हैं.
गांव की महिलाओं को भी अब मिल रही है बेहतर चिकित्सा सुविधा
बरगदी गांव की रहने वाली राबिया खातून अपने बच्चे के चेकअप के लिए BKT CHC आईं. उन्होंने बताया, “पहले शहर जाना पड़ता था, अब यहीं सब कुछ मिल जाता है — डॉक्टर, टेस्ट, दवाएं, यहां तक कि ऑपरेशन की सुविधा भी.” मल ब्लॉक की रामसनेही कहती हैं, “पहले छोटी बीमारियों के लिए भी शहर जाना पड़ता था. अब यही इलाज हो जाता है और दवाएं भी मिलती हैं.” रोज़ाना यहां 350 से 500 मरीज ओपीडी में इलाज करवाने आते हैं.
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BKT CHC में मिल रही हैं ये प्रमुख सुविधाएं
BKT CHC में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, रक्तकोष (ब्लड बैंक), कंगारू मदर केयर यूनिट (KMC), ऑनलाइन लैब रिपोर्ट, एक्स-रे, डॉक्टरों से सलाह, शिशु और महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और दैनिक टीकाकरण (रविवार को छोड़कर) जैसी सुविधाएं मिल रही हैं. यहाँ एक 30 बेड का अस्पताल है, जिसे अब 50 बेड तक बढ़ाया जा रहा है. 2024 में अब तक 57 ब्लड ट्रांसफ्यूजन, 550 एक्स-रे और 120 से 150 प्रसव हर महीने हो रहे हैं, जिनमें 10 से 12 सिजेरियन ऑपरेशन भी शामिल हैं.
सरकार का लक्ष्य – 50% अस्पतालों को देना है NQAS सर्टिफिकेशन
नेशनल हेल्थ मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेशभर में गुणवत्ता वाली और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने का अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 507 सरकारी स्वास्थ्य इकाइयां NQAS प्रमाणित हो चुकी हैं. अयोध्या और प्रयागराज मंडल में अच्छा काम हुआ है. अब आगरा, अलीगढ़, बरेली और सहारनपुर में भी इसी तरह के काम की योजना है.
क्या है NQAS सर्टिफिकेशन?
NQAS यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड भारत सरकार की एक योजना है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों को साफ-सफाई, मरीजों से व्यवहार, गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की देखभाल, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और बीमारियों के प्रबंधन में तय मानकों पर खरा उतरने पर यह सर्टिफिकेट दिया जाता है.
बढ़ा लोगों का भरोसा
BKT CHC के अधीक्षक डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि अब अस्पताल की 80 प्रतिशत से अधिक बेड भरे रहते हैं. लोगों का भरोसा इतना बढ़ा है कि पास में 100 बेड का रामसागर मिश्र अस्पताल होने के बावजूद मरीज यहां OPD में आना पसंद करते हैं. 15 से 20 लोग रोजाना टेलीमेडिसिन सुविधा का फायदा भी उठा रहे हैं.
बक्शी का तालाब CHC आज एक मिसाल बन गया है. सरकार की योजना है कि इसी तरह के ‘मॉडल हेल्थ सेंटर्स’ पूरे प्रदेश में बनाए जाएं ताकि गांवों के लोगों को भी अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. यह बदलाव प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है.
Source: IOCL























