एक्सप्लोरर

उत्तराखंड: अर्जित अवकाश वाले बयान से सियासी हलचल, हरीश रावत के पोस्ट पर कांग्रेस की बढ़ी टेंशन!

Uttarakhand Politics: रावत ने अपनी पोस्ट में 59 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए लिखा कि इस लंबे दौर में निरंतर कर्तव्य निभाने के बाद थोड़ा अवकाश लेना उनका स्वाभाविक अधिकार है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • हरीश रावत ने 59 साल के जनसेवा के बाद 'अर्जित अवकाश' लेने की घोषणा की.
  • यह अवकाश आत्ममंथन और जनसंपर्क को मजबूत करने का माध्यम बताया.
  • उन्होंने पुराने साथियों का जिक्र कर, त्याग और समर्पण की भावना दोहराई.
  • यह बयान उत्तराखंड कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कई सवाल खड़े करता है.

उत्तराखंड की राजनीति में वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने नई बहस को जन्म दे दिया है. अपने लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए रावत ने ‘अर्जित अवकाश’ लेने की बात कही है, जिसे लेकर पार्टी के भीतर और बाहर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

रावत ने अपनी पोस्ट में 59 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए लिखा कि इस लंबे दौर में निरंतर कर्तव्य निभाने के बाद थोड़ा अवकाश लेना उनका स्वाभाविक अधिकार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश किसी प्रकार की निष्क्रियता नहीं है, बल्कि आत्ममंथन और जनसंपर्क को और मजबूत करने का एक माध्यम है. साथ ही उन्होंने अपील की कि उनके इस निर्णय को लेकर पक्ष-विपक्ष की राजनीति न की जाए.

अपने पुराने साथियों का किया जिक्र

इस पूरे बयान में रावत ने भावनात्मक और संतुलित रुख अपनाते हुए अपने पुराने सहयोगियों और समर्थकों का भी जिक्र किया. विशेष रूप से उन्होंने गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ अपने लंबे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके शब्द स्वाभाविक हैं. उन्होंने यह भी माना कि कुछ लोग उन्हें भाई या पिता समान मानते हैं, इसलिए उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं, जिसके लिए उन्होंने विनम्रता से क्षमा भी मांगी.

पार्टी में भीतर घमासान जारी

राजनीतिक रूप से इस बयान को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर जहां इसे रावत के आत्मविश्लेषण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान से भी जोड़कर देख रहे हैं. हाल के दिनों में कांग्रेस में नेतृत्व और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं, ऐसे में रावत का यह ‘अवकाश’ बयान कई संकेत देता है.

खुद के त्याग की बात दोहराई

अपने संदेश में रावत ने युवाओं को भी खास तौर पर संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 2027 में जो नौजवान अपने लिए संभावनाएं देख रहे हैं, उनके लिए वह हर संभव योगदान देने को तैयार हैं. उन्होंने महर्षि दधीचि का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो उनकी ‘हड्डियां’ भी युवाओं के भविष्य को संवारने में काम आएंगी. यह बयान उनके त्याग और समर्पण की भावना को दर्शाता है, साथ ही यह भी संकेत देता है कि वह सक्रिय राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं हो रहे हैं.

रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हमेशा पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता रहे हैं और शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को अंतिम मानते आए हैं. उन्होंने माना कि कभी-कभी उन्होंने अपनी बात रखी होगी, लेकिन अंततः संगठन के फैसलों को ही स्वीकार किया है.

कुल मिलाकर, हरीश रावत की यह पोस्ट एक ओर उनके लंबे अनुभव, समर्पण और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह उत्तराखंड कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा को लेकर कई सवाल भी खड़े करती है. अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ता इस बयान को किस रूप में लेते हैं और इसका आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

यूपी चुनाव: कांग्रेस के साथ गठबंधन पर शिवपाल यादव का बड़ा बयान, 'समाजवादी पार्टी बड़े...'
यूपी चुनाव: कांग्रेस के साथ गठबंधन पर शिवपाल यादव का बड़ा बयान, 'समाजवादी पार्टी बड़े...'
Basti News: रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला, 5 बच्चों की मां प्रेमी संग हुई फरार
बस्ती में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला, 5 बच्चों की मां प्रेमी संग हुई फरार
Basti News: पुल पर सियासत, जनता बेहाल, 10 हजार लोगों की जिंदगी दांव पर
बस्ती में पुल पर सियासत, जनता बेहाल, 10 हजार लोगों की जिंदगी दांव पर
Moradabad News: हाथ पकड़कर नदी में कूदे थे प्रेमी युगल, चार दिन बाद किशोरी का शव बरामद
मुरादाबाद: हाथ पकड़कर नदी में कूदे थे प्रेमी युगल, चार दिन बाद किशोरी का शव बरामद

वीडियोज

Shehnaaz Gill की 'Ishqnama' का ट्रेलर रिलीज़, Jai Randhhawa की दमदार परफॉर्मेंस ने लूटी महफिल
Shehnaaz Gill की Ishqnama का ट्रेलर दमदार, Jai Randhhawa की इंटेंसिटी ने जीता दिल
Mathew VanDyke और अब Jordan Brown! Indian borders के पास बड़ी साजिश? |ABPLIVE
रिपोर्ट्स: Deepika Padukone और Ranveer Singh के घर फिर आ सकती है खुशखबरी
Middle East: भारतीय नाविक की मौत पर भारतका बदला शुरू! हिलेगा मिडिल ईस्ट? |ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तनाव के बीच यूएस की बमबारी से कितना पहुंचा नुकसान? तेहरान ने दिए ये चौंकने वाले आंकड़े
तनाव के बीच यूएस की बमबारी से कितना पहुंचा नुकसान? तेहरान ने दिए ये चौंकने वाले आंकड़े
'कल जितने भी समर्थक हैं वो सब...', सोनम वांगचुक के अनशन के बीच अभिजीत दीपके ने की ये अपील
'कल जितने भी समर्थक हैं वो सब...', सोनम वांगचुक के अनशन के बीच अभिजीत दीपके ने की ये अपील
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने के लिए तैयार, 15 दिनों की मिली मोहलत
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने के लिए तैयार, 15 दिनों की मिली मोहलत
Tom Cruise से IShowSpeed तक, FIFA वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी में दिखेगा इन ग्लोबल स्टार्स का जलवा
Tom Cruise से IShowSpeed तक, FIFA वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी में दिखेंगे ये ग्लोबल स्टार्स
आमिर खान की तीसरी शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव? दोस्त अमीन हाजी ने खोला राज
आमिर खान की तीसरी शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव? दोस्त अमीन हाजी ने खोला राज
Explained: 'सनातन ही समाजवादी' या 'चुनावी नाटक' का खेल! PDA से हटकर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की ओर क्यों बढ़े अखिलेश यादव?
'सनातन ही समाजवादी' या 'चुनावी नाटक', PDA से हटकर सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर क्यों बढ़े अखिलेश यादव?
परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदल गया नंबर गेम? मानसून सत्र में फिर बिल पेश करने की तैयारी
परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदल गया नंबर गेम? मानसून सत्र में फिर बिल लाने करने की तैयारी
Video: पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर! जबड़ों में दबोचकर अजगर को जिंदा चबा गया खूंखार दरिंदा
पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर! जबड़ों में दबोचकर अजगर को जिंदा चबा गया खूंखार दरिंदा
Embed widget