बकरा नहीं... काटा बकरे का केक! गाजियाबाद में अनोखे तरह से मनाई गई ईद-अल-अज़हा
Ghaziabad News: लोनी में मुस्लिम बकरे के आकार का केक काटकर कई वर्षों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से ईद मनाते रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि उन्होंने इस तरह से बकरीद मना कर विधायक की अपील का मान रखा.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक नंद किशोर गुर्जर की अपील पर गाजियाबाद के लोनी विधानसभा क्षेत्र में कई मुस्लिम परिवारों और युवाओं ने पशु की कुर्बानी देने के बजाय बकरे के आकार का केक काटकर बकरीद मनाई. लोनी के विभिन्न हिस्सों से इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसमें बकरे जैसे केक काटकर लोगों को ईद मनाते हुए देखा गया.
खालिद, चांद, अरबाज, कमरुद्दीन अंसारी, हाजी लियाकत और हाजी बाबू समेत स्थानीय लोगों ने विधायक की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सांप्रदायिक सौहार्द एक सामूहिक जिम्मेदारी है.
'समय के साथ बदलाव जरूरी'
कुछ लोगों ने कहा, “समय के साथ बदलाव जरूरी है और इस तरह की पहल से प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलती है.”
गाजियाबाद के लोनी में इको-फ्रेंडली ईद मनाई गई. लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोगों से अपील की थी कि बकरे की कुर्बानी के बजाय उसका प्रतीकात्मक चित्र या बकरे की शेप वाला केक काटकर त्योहार मनाएं. विधायक की इस अपील के बाद कई परिवारों ने अनोखे अंदाज में ईद मनाई. देखें… pic.twitter.com/w8XUePePk8
— ABP News (@ABPNews) May 28, 2026
नंद किशोर गुर्जर ने लोनी में मुस्लिम समुदाय के लोगों को बधाई दी और इस पहल को ऐतिहासिक नजीर बताया. उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरण अनुकूल ईद का संदेश न केवल लोनी, बल्कि संपूर्ण समाज को प्रेरित करेगा. त्योहार शांति, प्यार और भाईचारा के प्रतीक होते हैं.’’
कई वर्षों से मनाई जा रही 'पर्यावरण अनुकूल' बकरीद
वीडियो के जरिये जारी एक संदेश में गुर्जर ने कहा कि लोनी में मुस्लिम बकरे के आकार का केक काटकर कई वर्षों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से ईद मनाते रहे हैं. यह संदेश न केवल पूरे उत्तर प्रदेश और देश, बल्कि पूरे विश्व को जाएगा. एक वीडियो में एक मुस्लिम परिवार बकरे के आकार का केक काटते हुए दिखाई दिया, जिसमें बुजुर्ग सदस्य यह कहते हुए दिखे कि उन्होंने इस तरह से बकरीद मना कर विधायक की अपील का मान रखा.
बकरीद के जश्न के दौरान कई अन्य निवासियों को इसी तरह के केक साझा करते और खाते हुए देखा गया, जो पशुओं की कुर्बानी से दूर रहे.






















