हापुड़ जिला अस्पताल में बवाल, सैलरी मांगने पहुंचे कर्मचारियों पर CMO भड़के, धमकी का आरोप
Hapur News: कर्मचारी का आरोप है कि सीएमओ ने उन्हें गोली तक मारने की धमकी दी है. जिससे अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया. बाद में मौके पर मौजूद पुलिस ने दखल देते हुए कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत किया.

उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में सीएमओ अपने ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों पर बुरी तरह बिफर गए. छह माह से सैलरी न मिलने पर डिप्टी सीएम से जिला अस्पताल में मिलने पहुंचे कर्मचारियों के प्रति सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी का व्यवहार इस तरह का था, जैसे वह किसी गली के गुंडे या बदमाश हों. सीएमओ ने कर्मचारियों को उनकी सैलरी दिए जाने का कोई ठोस आश्वासन तो नहीं दिया, बल्कि अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त किये जाने की चेतावनी जरूर दे दी.
कर्मचारी का आरोप है कि सीएमओ ने उन्हें गोली तक मारने की धमकी दी है. जिससे अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया. बाद में मौके पर मौजूद पुलिस ने दखल देते हुए कर्मचारियों और उनके नेताओं को समझा-बुझाकर शांत किया.
क्या है पूरा घटनाक्रम ?
दरअसल, बुधवार को जनपद हापुड़ में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक दौरे पर थे. इसकी जानकारी जब संविदा पर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को हुई, तो वह अपने शिकायत पत्र के साथ जिला अस्पताल में पहुंच गये. कर्मचारी शेरुद्दीन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से संविदा के 20 से 25 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले छह माह से सैलरी नहीं दी जा रही है. साथ ही महीने के 30 दिन की सैलरी की जगह मात्र 26 दिन की ही सैलरी दी जाती है.
इसकी शिकायत के लिए वह अपने मांग पत्र के साथ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मिलने के लिए पहुंच गये. जैसे ही सीएमओ हापुड़ डॉ. सुनील कुमार त्यागी ने कर्मचारियों को देखा, तो वह आग बबूला हो गये. उन्होंने कर्मचारियों के प्रति इस तरह का व्यवहार करना शुरू कर दिया, जैसे वह किसी गली या मौहल्ले के गुंडे-बदमाश हों. कर्मचारी शेरुद्दीन का आरोप है कि सीएमओ ने उन्हें गोली मारने तक की धमकी भी दे दी. जिससे अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया. मौके पर मौजूद पुलिस ने दखल देते हुए डिप्टी सीएम की सुरक्षा को मददेनजर रखते हुए सभी कर्मचारियों को नजरबंद कर लिया.
सीएमओ से कभी नहीं मिले कमर्चारी
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि उन्हें कर्मचारियों के सैलरी न मिलने की जानकारी इससे पहले नहीं थी और न ही यह कर्मचारी उनसे कभी मिले हैं. ऐसे कर्मचारियों को अनुशासनहीनता में बर्खास्त किया जाएगा.
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Source: IOCL
























