हापुड़ः CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता डिटेन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोक भी हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

हापुड़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मेरठ तिराहा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास रोक लिया. पुलिस ने धारा 144 और बिना अनुमति का हवाला देकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. साथ ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सहित डेढ़ दर्जन से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया.
दरअसल, सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मेरठ तिराहा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्र हुए. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को वहां से जुलूस की शक्ल में नगर पालिका स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक जाना था और फिर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपना था. एसडीएम प्रेमपाल सिंह और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए.
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प्रशासन बोला- प्रदर्शन की नहीं थी अनुमति
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इलाके में धारा 144 लागू है और प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं है, इसलिए ज्ञापन यहीं सौंप दिया जाए. कांग्रेसी एसडीएम कार्यालय जाकर ही ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए. करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान दोनों पक्षों में जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए.
पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कांग्रेसियों ने दो टूक कहा कि या तो उन्हें एसडीएम कार्यालय जाने दिया जाए या फिर गिरफ्तार किया जाए. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
पुलिस कांग्रेसियों को हिरासत में लिया
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी, शहर अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं को बस में बैठाकर हिरासत में लिया और पुलिस लाइन ले गई. पुलिस लाइन ले जाए जाने के दौरान भी कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व अनुमति और धारा 144 लागू होने के चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया.
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