गोरखपुर में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा गोसरंक्षण केंद्र, 2000 बेसहारा गोवंश को मिलेगा सहारा
Gorakhpur News: गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 28.94 करोड़ रुपये की लागत से कान्हा उपवन बनवाया जा रहा है. इसकी क्षमता 2000 पशुओं की होगी. 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है.

गो-संरक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है जहां बेसहारा गोवंश को ठौर मिला है. इसी क्रम को विस्तार देते हुए गोरखपुर में योगी सरकार एक वृहद कान्हा उपवन बनवा रही है. यह जिले में अबतक का सबसे बड़ा गोसंरक्षण केंद्र होगा. यहां एक साथ 2000 बेसहारा गोवंश को आश्रय मिलेगा जिससे शहर और आसपास सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश की समस्या का समाधान होगा.
गोरखपुर जिले में नगर निगम के महेवा स्थित कान्हा उपवन सहित 34 गोआश्रय स्थल संचालित हैं. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. धर्मेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक इन गोआश्रय स्थलों की कुल क्षमता 5000 पशुओं की है. फिलहाल इनमें 4500 गोवंश को संरक्षित किया जा रहा है.
बड़े गोआश्रय की आवश्यकता पर हो रहा निर्माण
एक बड़े गोआश्रय स्थल की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की तरफ से गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 28.94 करोड़ रुपये की लागत से कान्हा उपवन बनवाया जा रहा है. इसकी क्षमता 2000 पशुओं की होगी. इस कान्हा उपवन का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की यूनिट-14 द्वारा किया जा रहा है. कार्यदायी संस्था के अनुसार निर्माण कार्य 24 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था. सभी कार्य 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है.
नियमित चेकअप के साथ तेज इलाज की व्यवस्था
इस कान्हा उपवन में काऊ शेड, काफ शेड, बर्थ शेड, कार्यालय भवन, भूसा स्टोर, फीड स्टोर तो होगा ही, गोवंश के नियमित चेकअप और बीमार पशुओं के त्वरित इलाज के लिए परिसर के अंदर ही एक डिस्पेंसरी का निर्माण भी किया जा रहा है. काऊ शेड के सामने छोटे पोखरे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि पशुओं को पानी की कमी न हो और उन्हें प्राकृतिक माहौल मिले.
उल्लेखनीय है कि कान्हा उपवन उसी परिसर का हिस्सा है जहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय भी निर्माणाधीन है. इससे बीमार या घायल पशुओं के इलाज की उच्च स्तरीय व्यवस्था भी सुनिश्चित हो जाएगी. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि वर्तमान में महेवा स्थित 500 गोवंश की क्षमता वाले कान्हा उपवन पर दबाव अधिक है, जिसे देखते हुए ताल नदोर की वृहद कान्हा उपवन की परियोजना बेसहारा गोवंश प्रबंधन के लिए गेम चेंजर साबित होगी.
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Source: IOCL



























