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गाजीपुर में 46 फीसदी वोटर्स का फिर से किया जा रहा वेरिफिकेशन, जानें क्यों आई ये नौबत?
Ghazipur News: गाजीपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले करीब 13 लाख संदिग्ध वोटरों के नाम का मामला सामने आया है. अब 46.8 प्रतिशत मतदाताओं का फिर से सत्यापन किया जा रहा है.

गाजीपुर में वोटर्स का सत्यापन (फाइल फोटो)
Source : अनुभव शर्मा
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से गाजीपुर जिला प्रशासन को प्रेषित वोटर लिस्ट में जिले में करीब 13 लाख 25 हजार 998 मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम और पिता का नाम एक समान है, इस वजह से इन मतदाताओं स्थिति संदिग्ध मानी जा रही है. अब इनकी आधार कार्ड से सघन जांच कराई जा रही है.
राज्य चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर जिले के सभी ब्लॉकों में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन की ओर से संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर उनके आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. आधार संख्या के अंतिम चार अंको का मिलान किया जा रहा है, यदि आधार नंबर अलग-अलग पाए गए तो ऐसे मतदाताओं का नाम सुरक्षित रहेंगे, लेकिन आधार नंबर सामान मिलने पर डुप्लीकेट वोटर मान कर नाम काटे जाएंगे.
राज्य चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर जिले के सभी ब्लॉकों में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन की ओर से संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर उनके आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. आधार संख्या के अंतिम चार अंको का मिलान किया जा रहा है, यदि आधार नंबर अलग-अलग पाए गए तो ऐसे मतदाताओं का नाम सुरक्षित रहेंगे, लेकिन आधार नंबर सामान मिलने पर डुप्लीकेट वोटर मान कर नाम काटे जाएंगे.
कहां कितने संदिग्ध वोटर किए गए चिन्हित?
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संदिग्ध वोटर्स की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है. सैदपुर ब्लॉक में 111614, करंडा विकास खंड में 60496 कासिमाबाद में 105700, जखनियां में 92974, सदात में 99241, मनिहारी में 91754, जमानिया में 83156, देवकली में 89500, रेवतीपुर में 64820, बाराचंवर में 76105, भदौरा में 69439, भांवरकोल में 67794, मरदह में 75714, मुहम्मदाबाद में 82208 बिरनो में 85081, सदर में 80402 संदिग्ध वोटर चिन्हित हुए है, जिनका फिर से सत्यापन कराया जा रहा है.
सत्यापन कार्य के लिए लगाए गए बीएलओ
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि इस तरह की एक लिस्ट शासन के द्वारा आई है, जिसमें एक ही नाम और उनके पिता का नाम कई मतदाताओं के होने का मामला आया है. इसे लेकर अब बीएलओ को लगाया गया है और ऐसे मतदाताओं से उनका आधार के अंतिम चार अंक लिया जा रहा है और उसे मिलान कर मतदाताओं का पुष्टि कर उनके नाम का वेरीफाई कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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Source: IOCL

























