Gorakhpur में फैक्ट्री से गैस का रिसाव, बच्चों की तबियत बिगड़ी, प्रशासन ने प्लांट पर लगाई अस्थायी रोक
गोरखपुर के चौरीचौरा के देवकहिया गांव के बच्चे छुट्टी होने पर घर जा रहे थे. फैक्ट्री के पास पहुंचे ही थे कि प्लांट से गैस का रिसाव हो गया.

यूपी के गोरखपुर के चौरीचौरा में एशियन फर्टिलाइजर लिमिटेड फैक्ट्री सोमवार 18 अगस्त को दोपहर बाद एशियन फर्टिलाइजर की फैक्ट्री से गैस के रिसाव की वजह से स्कूल से घर जा रहे एक दर्जन के करीब बच्चों की तबियत बिगड़ गई. उन्हें उल्टी और चक्कर आने की समस्या के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया. प्रशासन ने अस्थायी तौर पर फैक्ट्री के संचालन पर रोक लगा दी है.
गोरखपुर के चौरी चौरा क्षेत्र की एशियन फर्टिलाइजर लिमिटेड के प्लांट से दोपहर बाद लगभग 2 से ढाई बजे गैस निकलने से गांव के लगभग स्कूल से घर जा रहे एक दर्जन बच्चों की तबियत बिगड़ गई. उन्हें उल्टी, दस्त होने लगा. वे छुट्टी के बाद स्कूल से लौट रहे थे. आनन-फानन में सभी को सरदारनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है. बच्चों के सकुशल होने की सूचना पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
गोरखपुर के चौरीचौरा के देवकहिया गांव के बच्चे छुट्टी होने पर घर जा रहे थे. फैक्ट्री के पास पहुंचे ही थे कि प्लांट से गैस का रिसाव हो गया. गैस के संपर्क में आने से बच्चों को थोड़ी देर बाद उल्टी-दस्त होने लगा. गांव के प्रधान मैनेजर शर्मा ने ग्रामीणों की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया. एसडीएम कुंवर सचिन सिंह और पुलिस के अधिकारियों ने प्लांट को अस्थायी तौर पर बंद करा दिया.
इस घटना से ग्रामीण आक्रोशित हो गए. उन्होंने फैक्ट्री के गेट पर प्रदर्शन किया और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने की मांग की. ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री को जर्जर हाल में तीन दशक से अधिक समय से चलाया जा रहा है. इससे पहले भी यहां गैस लीक की घटनाएं हो चुकी हैं. ग्रामीणों की ओर से प्रदूषण नियंत्रण विभाग पर सवाल उठाए गए हैं. उनका कहना है कि न तो प्रशासन और न ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग इसकी सुधि लेता है. लंबे समय से घनी आबादी के बगल में यह फैक्ट्री संचालित हो रही है, जिससे कई गंभीर बीमारियां का भी खतरा है. ग्रामीणों ने इसे बंद करने की मांग कई बार उठाई है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ.
गोरखपुर के देवकहिया गांव के प्रधान मैनेजर शर्मा का कहना है कि बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे. उसी समय फैक्ट्री से गैस निकली और सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें उल्टी और गले में परेशानी के बाद अस्पताल लाया गया है. यहां पर खेती को भी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि इसके पहले भी 16 अगस्त 2024 को सल्फ्युरिक एसिड टैंकर से गैस का रिसाव हुआ था. देवकहिया गांव के लोगों की तबियत बिगड़ी थी. उस समय भी लोग फैक्ट्री के गेट पर जमा हो गए थे और प्रदर्शन किया था.
इन बच्चों की बिगड़ी तबीयत
गैस के रिसाव से अरना कक्षा 8, अंश कुमार कक्षा 4, शन्नी कक्षा 5, गणेश कक्षा 8, आर्यन कक्षा 2, सिद्धार्थ कक्षा 7, निहाल शर्मा कक्षा 5, रितिक एलकेजी, लवी एल केजी, अंश सहित दर्जन भर बच्चों की तबीयत बिगडड गई थी. उन्हें उल्टी व गले में खरास होने लगा एसडीएम के निर्देश पर बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरदारनगर एमबुलेस से उपचार के लिए भेज दिया गया, जहां उनका इलाज किया गया.
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इस संबंध में गोरखपुर के सरदारनगर पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारी डा. हरिओम पाण्डेय ने बताया कि 18 अगस्त को एशियन फर्टिलाइजर पर गैस रिसाव की सूचना एसडीएम की ओर से दी गई. उनके यहां से टीम और एंबुलेंस गई. वहां 7 से 8 बच्चों को उल्टी और गले में खराश की शिकायत हो रही थी. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया. किस तरह की गैस का रिसाव हुआ, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है. इस गैस के रिसाव से खांसी, सांस फूलना, उल्टी, आंखों में जलन की आमतौर पर शिकायत हो सकती है. ये गैस के ऊपर निर्भर करता है.
Source: IOCL






















