500 साल पुराने विवाद का अंत हुआ, अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा : कल्याण सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि अयोध्या मामले में 500 साल पुराने विवाद का अंत हो गया है। अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर बनाया जाएगा।

लखनऊ, शैलेश अरोड़ा। अयोध्या मामले पर आए ऐतिहासिक फैसले के बाद सोमवार को यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को समावेशी बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ किसी ने विरोध नहीं किया। बहुत दिनों से जो समाज की भव्य राम मंदिर निर्माण की कल्पना थी वो अब पूरी होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने किसी व्यक्ति विशेष को अधिकार न देकर 3 महीने में ट्रस्ट बनाने को कहा है जो प्रबंधन, वित्त के मामले में व्यवस्था देखेगा।
कल्याण सिंह ने आगे कहा कि अब राम की नगरी में इतना भव्य मंदिर बनना चाहिए की विश्व के लोग राम लला के दर्शन करने आये। इतना विकास हो जाना चाहिए की लोगों को लगे राम की नगरी है। कल्याण सिंह ने कहा की उन्हें विश्वास है की यूपी सरकार और योगी जी इस ओर सचेष्ट हैं। अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। राम के साथ-साथ अयोध्या का विकास रोटी से भी जुड़ना चाहिए। बेरोजगार, कारीगर, व्यवसायियों, छात्रों को रोजगार देने वाला विकास होना चाहिए।
मैं खुद राम भक्त हूं : कल्याण सिंह कल्याण सिंह ने इस पीसी में खुद को राम भक्त भी बताया। उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से ही अयोध्या के विकास और राम मंदिर के निर्माण का सपना देखता रहा। मेरे जैसे करोड़ों लोगों का सपना साकार हुआ है। मैं अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करूंगा।
CBI कोर्ट में केस पर भी बोले कल्याण सिंह CBI कोर्ट में चल रहे केस पर कल्याण सिंह ने कहा की सीबीआई की लखनऊ बेंच में कुछ लोगों के खिलाफ क्रिमिनल कांस्पीरेसी का केस चल रहा। इसमें उनके साथ ही लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती का भी नाम है। उन्होंने बताया की उनके खिलाफ 39 गवाहो की सूची लेकिन अभी तक सिर्फ 7 गवाह हो पाये हैं।
'ये जीत और हार नहीं, 500 साल पुराने विवाद का हल' कल्याण सिंह ने कहा की हम राम मंदिर के मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ते। ये भावनात्मक होता है। सच पूछो तो ये मुद्दा सांस्कृतिक है। आस्था का प्रश्न है। ओवैसी समेत कुछ लोगों के विरोध पर कल्याण सिंह ने कहा कि सारे तथ्य कोर्ट के सामने हैं। फैसला भी आ चुका तो अब किस बात का विरोध। इसको जीत और हार की परिभाषा में नहीं सोचना चाहिए, 500 साल पुराना विवाद हल हुआ। सब की जीत है। कोर्ट ने अलग से मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने का भी निर्णय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने न्याय और कानून का पालन करने के साथ एकता और अखंडता का ध्यान रखा जिससे किसी को पीड़ा न हो।
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