आजमगढ़: फर्जी बेसिक शिक्षा अधिकारी बनकर की ठगी, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार
Azamgarh News: आरोपी के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. आरोपी के द्वारा फर्जी तरीके से लोगों से पैसे वसूले गए.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में फर्जी बेसिक शिक्षा अधिकारी बनकर साइबर ठगी का मामला का सामने आया है. साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ पुलिस ने फर्जी बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बनकर ई-सी-सी-ई शिक्षक (ECCE Educator) पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है.
अभियुक्त के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. पुलिस ने बताया कि अभियुक्त अभ्यर्थियों को ई सी सी ई शिक्षक पद पर चयन का झांसा देकर उनसे 10 हजार रुपये से 40 हजार रुपये तक की धनराशि वसूल करता था.
फर्जी तरीके से अभ्यर्थियों को बनाया शिकार
आरोपी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाई और व्हाट्सएप व ट्रूकॉलर पर भी BSA का नाम व फोटो प्रदर्शित कर अभ्यर्थियों को विश्वास में लिया. पुलिस ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को दर्ज मुकदमा संख्या 41/2025 की विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर अभियुक्त राम सिंह निवासी प्रयागराज को जनपद प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया.
बरामद मोबाइल फोन के विश्लेषण में फर्जी ई-मेल, व्हाट्सएप प्रोफाइल, अभ्यर्थियों की सूची, टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े साक्ष्य और अन्य डिजिटल प्रमाण मिले हैं. गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता तथा आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी या नियुक्ति के नाम पर फोन, ई-मेल या सोशल मीडिया के जरिए धनराशि मांगे जाने पर सतर्क रहें.
पुलिस एसपी ने दी यह जानकारी
इस मामले पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि बीएसए की फर्जी आईडी बनाकर मेल के जरिए लोगों को नौकरी देने का झांसा देकर धन उगाई की जा रही थी. इसी तरह के एक मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की गई थी.
विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि इसमें आगे की पड़ताल की जा रही है. इस गिरोह में और कितने सदस्य हैं और इन लोगों द्वारा कितने लोगों को ठगा गया है. जो भी चीज प्रकाश में आएगी उसके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL






















