EXCLUSIVE: आजम खान पर ED की जांच का दायरा बढ़ा, ये 11 कंपनियां भी रडार पर
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को दान देने वाले 11 दानदाता और संस्थाएं ED की जांच के दायरे में हैं. कई शेल कंपनियों के जरिए आर्थिक लेनदेन की भी जांच होगी जिससे सपा नेता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का दायरा बढ़ गया है. जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के तहत होता है. अब ट्रस्ट को दान देने वाले 11 बड़े दानदाताओं और उनसे जुड़ी संस्थाओं को भी ईडी की जांच के दायरे में शामिल किया गया है. इनमें कई बड़े कारोबारी और कंपनियां शामिल बताई जा रही हैं.
आरोप है कि इनमें कुछ शेल कंपनियां भी हैं, जिन्हें आजम खान को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया और बाद में बंद कर दिया गया. जांच का दायरा बढ़ने से इनसे जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हालांकि, संबंधित लोगों के नामों का खुलासा बाद में किए जाने की बात कही जा रही है.
ईडी की जांच के दायरे में शामिल बताए जा रहे 11 दानदाताओं और संस्थाओं में पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, लखनऊ; सालार ओवरसीज लिमिटेड, मुरादाबाद; ए.आर. एजुकेशन ट्रस्ट; अर्थ कम्युनिकेशनल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा; रामिगेट इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली; रॉयल एम्पोरिया इंफ्रा टेक प्राइवेट लिमिटेड; फैजा परवीन, मुरादाबाद; मोहम्मद हसीब, बहराइच; रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड; वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड और ड्रीम ऑफ पर्ल रियल्टी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं. इनमें रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड को हटाया जा चुका है, जबकि ड्रीम ऑफ पर्ल रियल्टी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को हटाने की प्रक्रिया चल रही है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के अगले दिन, रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने यह आदेश पारित किया और निर्देश दिया कि खान 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे था.
यह जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि किसानों की कृषि भूमि को विश्वविद्यालय के लिए जबरन अधिग्रहित किया गया था.






















