UKSSSC Exam Scam: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा धांधली मामले में कार्रवाई, पूर्व चेयरमैन समेत तीन गिरफ्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चेयन आयोग द्वारा 2016 में आयोजित वीपीडीओ परीक्षा में हुई धांधली मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें आयोग के पूर्व चेयरमैन भी शामिल हैं.

Uttarakhand News: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission) के वीपीडीओ परीक्षा (VPDO Exam) में हुई धांधली में बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में आयोग के पूर्व चेयरमैन और पूर्व पीसीसीएफ आरबीएस रावत (RBS Rawat), सचिव मनोहर कन्याल (Manohar Kanyal) और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया (RS Pokhariya) को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि भर्ती परीक्षा मामले में अभी तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई. परीक्षा में यह धांधली 2016 में हुई थी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करते हुए कहा, "UKSSSC द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर आज पूर्व चेयरमैन आरबीएस रावत, सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है."
UKSSSC द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जाँच के दौरान दोषी पाए जाने पर आज पूर्व चेयरमैन आरबीएस रावत, सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 8, 2022
कोर्ट में पेश किए गए तीनों आरोपी
इन तीनों अधिकारियों को स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. 2016 के इस घोटाले की एसटीएफ लंबे समय से जांच कर रही थी. इन तीनों अधिकारियों को कोर्ट में पेश किया गया है. बता दें कि यूकेएसएसएससी के पूर्व चेयरमैन और पूर्व पीसीसीएफ आरबीएस रावत तत्कालीन सीएम तीरथ सिंह रावत के मुख्य सलाहकार भी थे.
भर्ती घोटालों से लगातार विपक्ष के निशाने पर है सरकार
इन दिनों उत्तराखंड सरकार भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है. इससे पहले विधानसभा भर्ती घोटाला और यूकेएसएसएससी के ही पेपर लीक घोटाले की जांच कर रही है. विधानसभा भर्ती घोटाला मामले में जहां जांच कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद सभी नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं वहीं पेपर लीक मामले में जांच चल रही है और अब तक 30 से अधिक लोगों को अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया गया है.
Source: IOCL






















