देहरादून: UREDA की महिला अफसर ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, पति समेत ससुराल के 5 लोगों पर केस दर्ज
Dehradun News In Hindi: UREDA में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है.

उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी यानी उरेडा (UREDA) में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वहीं सूचना पर मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए. परिजनों ने पति पीयूष सिंह समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान राजेश्वरी के रूप में हुई है, जो पौड़ी में पदस्थ थीं और थाना बसंत विहार क्षेत्र में ससुराल में रहती थीं. बताया गया कि, राजेश्वरी की शादी 7 दिसंबर 2022 को देहरादून निवासी पीयूष सिंह के साथ हुई थी. पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि शुरुआत के कुछ समय बाद ही ससुराल का रवैया बदलने लगा. सास, जेठ, जेठानी और पति — सब मिलकर छोटी-छोटी बातों पर ताना देते, कोसते और मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश करते थे.
मारपीट, तलाक की धमकी और गहनों पर कब्जा
बहन के मुताबिक, पति पीयूष अक्सर राजेश्वरी के साथ मारपीट करता था. जब भी विवाद होता, धमकी मिलती — "तलाक दे दूंगा." ससुराल वालों के उकसावे पर जान से मारने तक की धमकियां दी जाती थीं. शादी के गहने भी ससुराल वालों ने अपने कब्जे में रख लिए थे. जब राजेश्वरी गहने मांगती, तो पति कहता — "पहले तलाक लो, फिर गहने मिलेंगे." यानी हर तरफ से एक ऐसा जाल बुना गया था जिसमें वह फंसती जा रही थी.
बेटी की धमकी- सबसे बड़ा जख्म
एक मां के लिए इससे बड़ी पीड़ा क्या हो सकती है कि उसकी अपनी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाए. बहन ने बताया कि ससुराल वाले राजेश्वरी की छोटी बेटी को लेकर भी उसे डराते-धमकाते थे. इसी डर के कारण राजेश्वरी ने बेटी को मायके में छोड़ दिया था. वह पौड़ी में नौकरी करतीं और छुट्टी मिलने पर मायके आकर बच्ची से मिलतीं. एक नौकरीपेशा, पढ़ी-लिखी महिला अपनी ही बच्ची से दूर रहने पर मजबूर थी.
मायके वाले रोकते रहे, वो चली गई
कुछ समय पहले राजेश्वरी विवाद के बाद मायके में रह रही थीं. परिजन उन्हें वापस नहीं भेजना चाहते थे, लेकिन ससुराल वाले उन्हें लेने आ गए. राजेश्वरी ने खुद मायके वालों को भरोसा दिलाया — "अगर दोबारा कुछ गलत हुआ तो बच्ची के साथ वापस आ जाऊंगी."
सुबह फोन आया — और सब कुछ बिखर गया
5 अप्रैल 2026 की सुबह पति पीयूष का फोन आया कि राजेश्वरी ने फांसी लगा ली है. मायके वाले दौड़े, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे उत्पीड़न का नतीजा बताया है.
पुलिस बोली- की जाएगी सख्त कार्रवाई
बड़ी बहन ने तहरीर दी और थाना बसंत विहार पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया. जांच अधिकारी सीओ स्वप्निल मुयाल ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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