LPG Crisis: उत्तराखंड में भी गैस की भारी किल्लत, राजधानी में सिलेंडर के लिए गोदामों के बाहर लगी लंबी कतारें
LPG Crisis In Uttarakhand: पश्चिम एशिया की जंग का असर देहरादून तक पहुंच गया है. राजधानी में गैस सिलिंडर के लिए गोदामों पर लंबी कतारें देखने को मिल गई हैं.

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी दिखाई देने लगा है. शहर में एलपीजी गैस की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे बन गए हैं कि गैस सिलिंडर पाने के लिए लोगों को एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है.
कई लोग पूरे दिन गैस बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर मिलाते रहे, लेकिन बुकिंग नहीं हो पाई. दरअसल, पिछले कुछ दिनों से देहरादून में गैस बुकिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग नंबर पर लगातार कॉल करने के बावजूद कॉल कनेक्ट नहीं हो रही है.
डर से गैस एजेंसियों पर आ रहे लोग
ऐसे में लोग मजबूर होकर सीधे गैस एजेंसियों और गोदामों का रुख कर रहे हैं. इससे वहां भीड़ बढ़ती जा रही है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. बुधवार को शहर के कई गैस गोदामों और एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखी गईं.
नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह आठ बजे से ही लोग सिलिंडर लेने के लिए पहुंचने लगे थे. दोपहर तक यहां सैकड़ों लोग कतार में खड़े रहे. एजेंसी की ओर से करीब 320 उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर वितरित किए जा सके, जिसके बाद स्टॉक खत्म हो गया. इसके चलते 60 से अधिक लोगों को बिना गैस लिए ही वापस लौटना पड़ा.
शहर की अन्य एजेंसियों पर भी दिखी गैस की किल्लत
ऐसी ही स्थिति शहर की अन्य गैस एजेंसियों में भी देखने को मिली. जिन उपभोक्ताओं ने पहले से गैस बुक कर रखी थी, वे भी इस असमंजस में एजेंसियों तक पहुंच रहे हैं कि कहीं उनकी बुकिंग के बावजूद गैस खत्म न हो जाए. इससे शहर में गैस को लेकर चिंता का माहौल बन गया है.
प्रतिष्ठानों पर भी दिख रहा गैस किल्लत का असर
गैस की कमी का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ रहा है. जिले में करीब 19 हजार से अधिक कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं और हर महीने लगभग 40 हजार से ज्यादा सिलिंडरों की खपत होती है. फिलहाल होटल, ढाबों, रेहड़ी-पटरी और रेस्टोरेंट संचालकों को गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. ऐसे में कई छोटे व्यवसायियों के सामने अपने प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ गई है.
गैस की किल्लत पर क्या बोले ढाबा संचालक?
रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपने कारोबार पर ताला लगाना पड़ सकता है. पर्यटन सीजन के करीब आने के बीच यह स्थिति उनके लिए और भी चिंता का विषय बनती जा रही है.
जिला प्रशासन ने क्या बताया?
इस बीच जिला प्रशासन का कहना है कि गैस की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर घबराहट का माहौल बना रहे हैं. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस बुक कर धैर्य रखें, एजेंसियां घर तक सिलिंडर की डिलीवरी कर रही हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन की कड़ी नजर है. यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी गैस की कालाबाजारी करते हुए पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. प्रशासन का दावा है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
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Source: IOCL


























