उत्तराखंड की राजधानी में खौफ का माहौल, 17 दिन में 5 हत्याकांड, दिनदहाड़े हत्याओं से दहशत
Dehradun News: हमलावरों ने विक्रम पर गोलियां चलाई, जबकि हमलावरों का एक तीसरा साथी बाइक लेकर बाहर इंतजार कर रहा था. जिस पर सवार होकर तीनों फरार हो गए.

उत्तराखंड की शांत वादियों में इन दिनों खौफ का माहौल है. राजधानी देहरादून में बीते 17 दिनों के भीतर पांच हत्याकांड हो चुके हैं. शुक्रवार (13 फरवरी) को सिल्वर सिटी मॉल में दिनदहाड़े एक स्टोन क्रशर संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शुक्रवार सुबह करीब 10:15 बजे राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल में 45 वर्षीय विक्रम शर्मा की जिम से बाहर निकलते वक्त हत्या कर दी गई. हमलावरों द्वारा विक्रम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई. तीन गोलियां लगने से विक्रम की मौके पर ही मौत हो गई.
दो बदमाशों ने चलाई विक्रम पर गोली
सूत्रों के अनुसार दो हमलावरों ने विक्रम पर गोलियां चलाई, जबकि हमलावरों का एक तीसरा साथी बाइक लेकर बाहर इंतजार कर रहा था. जिस पर सवार होकर तीनों फरार हो गए. विक्रम के पास भी पिस्टल थी, लेकिन उन्हें इसे निकालने का मौका नहीं मिला.
एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम शर्मा झारखंड का हिस्ट्रीशीटर था और उस पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 30 से ज्यादा हत्या के केस शामिल हैं. वह मूल रूप से झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला था और देहरादून में प्रॉपर्टी डीलिंग व खनन के कारोबार से जुड़ा था. पुलिस फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर गैंगवार की आशंका जता रही है.
दो दिन पहले गैस एजेंसी मालिक का खून
11 फरवरी को तिब्बती मार्केट में गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हालांकि पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दोनों शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अर्जुन की मां बीना शर्मा ने ही अपने सहयोगियों विनोद उनियाल के साथ मिलकर बेटे की हत्या करवाई थी.
दरअसल, शहीद कर्नल आरसी शर्मा के नाम पर मिली गैस एजेंसी और संपत्ति को लेकर मां-बेटे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. बीना शर्मा ने एजेंसी पर 4 करोड़ रुपए का लोन लिया था और जीएमएस रोड की कीमती संपत्ति भी बेच दी थी, जिसको लेकर अर्जुन ने कोर्ट में केस भी दायर किया था.
युवती की गर्दन काटकर निर्मम हत्या
2 फरवरी को नगर कोतवाली क्षेत्र के मच्छी बाजार में 23 वर्षीय गुंजन की धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई. आरोपी आकाश कुमार कई दिनों से गुंजन का पीछा कर रहा था. दो दिन पहले गुंजन ने खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए और उसने दिनदहाड़े गुंजन की जान ले ली. इस मामले पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
प्रेम प्रसंग में महिला की गोली मारकर हत्या
31 जनवरी को ऋषिकेश के शिवाजी नगर में 32 वर्षीय प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई. रात 9:30 बजे हुई इस घटना में आरोपी सुरेश गुप्ता ने अपनी पत्नी से तलाक लेकर 35 लाख में अपनी पैतृक संपत्ति बेच दी थी ताकि प्रीति से शादी कर सके. लेकिन ऋषिकेश में अच्छी संपत्ति न मिलने पर दोनों के बीच मनमुटाव बढ़ गया और अवसाद में आकर सुरेश ने प्रीति की हत्या कर दी , इस घटनाक्रम में भी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
12वीं की छात्रा की बेरहमी से हत्या
29 जनवरी को विकासनगर के ढालीपुर में 18 वर्षीय मनीषा तोमर का शव शक्ति नहर के किनारे मिला था. डॉक्टर के पास जाने के बहाने चचेरा भाई उसे घर से ले गया था. हत्यारे ने मनीषा के चेहरे पर 30 से ज्यादा बार धारदार हथियार से वार किए. उसका गला रेता, नाक काट दी और सिर पर पत्थर से हमला किया. जब मनीषा ने खुद को बचाने की कोशिश की तो उसकी दोनों हाथों की उंगलियां भी कट गईं. मनीषा की हत्या करने वाला चचेरा भाई अभी तक फरार है.
इन हत्याओं के मामले पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का यह कहना जरूर है कि सभी मामलों पर त्वरित रूप से कार्रवाई की गई हालांकि लगातार हो रहे हत्याकांडों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर गुंजन केस में जहां पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. देहरादून की जनता में अब खौफ का माहौल है. लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर पुलिस इन वारदातों को रोकने में नाकाम क्यों हो रही है और कब तक यह खूनी खेल जारी रहेगा.
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Source: IOCL




























