Dehradun News: उत्तराखंड में कल मंत्रिमंडल विस्तार, सुबह 10 बजे राजभवन में होगा शपथ ग्रहण समारोह
Dehradun News in Hindi: उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी मिल चुकी है. धामी कैबिनेट में जल्द ही 5 खाली पद भरे जाएंगे. क्षेत्रीय संतुलन और चुनावी रणनीति के तहत नए चेहरों को मौका मिल सकता है.

उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से जिस कैबिनेट विस्तार का इंतजार किया जा रहा था, वह अब जल्द हकीकत बन सकता है. उत्तराखंड में शुक्रवार यानी कल 20 मार्च को कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. राजभवन से लेकर शासन तक हलचल तेज है. शुक्रवार सुबह दस बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है.
उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार में आदेश हो गए हैं. उत्तराखंड में हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और देहरादून से एक-एक कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. धामी कैबिनेट में वर्तमान में पांच पद खाली हैं, जिन्हें भरने की कवायद तेज हो गई है. इसके साथ ही लंबे समय से खाली चल रहे दायित्वों को भी भरा जाएगा, जिससे संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधा जा सके. खास बात यह है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी. जिन जिलों में अब तक कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है, वहां से विधायकों को मौका देने का फार्मूला तैयार किया गया है.
कैबिनेट में इनमें से कुछ को मिल सकती है जगह
जानकारी के अनुसार, राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं. इनमें खजान दास, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, आदेश चौहान, विनोद कंडारी, राम सिंह कैड़ा और दीवान सिंह बिष्ट जैसे विधायक शामिल हैं. इनमें से कुछ को कैबिनेट में जगह मिल सकती है, जबकि अन्य को महत्वपूर्ण दायित्व देकर संतुष्ट किया जा सकता है.
बताया जा रहा है कि सरकार इस विस्तार के जरिए न सिर्फ संगठन के वफादार और सक्रिय विधायकों को सम्मान देना चाहती है, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक समीकरण भी साधने की तैयारी में है. ऐसे में क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखकर ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी.
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उत्तराखंड की राजनीति में देखने को मिल सकता है बड़ा बदलाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है. इससे जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा, वहीं सरकार की कार्यक्षमता और पकड़ को भी मजबूती मिलेगी. फिलहाल सबकी नजरें मुख्यमंत्री धामी के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं. जैसे ही उनकी सहमति मिलती है, उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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