अमेरिकी टैरिफ के बीच नई राह तलाश रहे बुलंदशहर के बिजनेसमैन, पॉटरी का उत्पादन 50% गिरा
यूपी स्थित बुलंदशहर के खुर्जा में एक से अधिक प्लांट चलाने वाले उद्यमियों को तमाम प्लांट्स का प्रोडक्शन एक ही प्लांट में समेटना पड़ रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ का असर बुलंदशहर की खुर्जा की पॉटरी इण्डस्ट्री पर साफ दिख रहा है. खुर्जा पॉटरी इंडस्ट्रीज में हाथ की कारीगरी से बने चीनी मिट्टी के बर्तनों का उत्पादन 50 फीसदी तक गिर गया है. हालात ऐसे हैं कि एक से अधिक प्लांट चलाने वाले उद्यमियों को तमाम प्लांट्स का प्रोडक्शन एक ही प्लांट में समेटना पड़ रहा है.
ट्रंप के टैरिफ की सबसे ज्यादा मार हेंडीक्राफ्ट पॉटरी (हाथ से बने उत्पाद) उत्पादों पर पड़ती दिख रही है. दरअसल हैंडीक्राफ्ट पर ट्रम्प ने 50 फीसदी टैरिफ लगा उद्यमियों की आर्थिक कमर तोड़ी है. मिनहास पोट्रीज के मालिक गुलजीत सिंह का कहना है कि वह अपनी पॉटरी इंडस्ट्रीज से 90 फीसदी हैंडीक्राफ्ट पॉटरी का प्रोडक्शन अमेरिका के लिए करते हैं.
पॉटरी के ऑर्डर्स को कैंसिल कर दिया
50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद एक्सपोर्टर्स ने पॉटरी के ऑर्डर्स को कैंसिल कर दिया या ऑर्डर्स होल्ड कर दिए गए हैं. इससे व्यापार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उनको उत्पादन का दायरा कम करना पड़ा. हम वैकल्पिक बाजार तलाश कर रहे है . खुर्जा में बड़े स्तर पर अमेरिका के लिए पॉटरी एक्सपोर्ट की जाती है. हालांकि पॉटरी उद्यमी भविष्य को लेकर सतर्क है हम इंडिया मार्किट भी एक्सप्लोर कर रहे है इंडिया मार्किट अपने आप मे काफी बड़ा मार्केट है वहा पर भी माल देना शुरू कर रहे है. अपनी जो निर्भरता जो यूएस के ऊपर थी उसको कम करने की कोशिश हम कर रहे है.
अमेरिकी टैरिफ से फिरोजाबाद के कांच करोबार को झटका, 700 करोड़ रुपये का माल स्टॉक में
स्वदेशी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि स्वदेशी से फर्क पड़ना चाहिए. जब जापान के ऊपर यूएस ने बम मारा था,उसके बाद पूरा जापान खत्म हो गया था जापान ने जब शुरुआत की तो लोग ये कहा करते थे कि जापान का माल अच्छा नही है. और आज कहते है जापान से अच्छा कही पर माल नही बनता तो ऐसी ही हम जबतक इंडिया का सपोर्ट नही करेंगे जब तक कैसे लोग समझेंगे की इंडिया से अच्छा कही माल नहीं बनता. मेक इन इंडिया के प्रोडक्ट्स अच्छे हैं. अब अन्य देशों में भी हम अपने प्रोडक्ट के लिये बातचीत कर रहे है जल्द और भी अच्छे विकल्प मिलने की उम्मीद है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























