वंदे मातरम् पर BSP चीफ ने कांग्रेस को दिखाया आईना, BJP को भी घेरा
Vande Mataram Controversy: मायावती ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर चल हा विवाद देश की राजनीति में कोई पहली बार नहीं है. जो भी पार्टी सत्ता में आती है अपने स्वार्थ के लिए कानून बदलती है.

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ वंदे मातरम का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. आये दिन देश में बीजपी और कांग्रेस इसको लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं. अब बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही आड़े हाथों लिया है. मायावती ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दोनों पार्टियों को घेरने का काम किया है.
मायावती ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर चल हा विवाद देश की राजनीति में कोई पहली बार नहीं है. जो भी पार्टी सत्ता में आती है अपने स्वार्थ के लिए कानून बदलती है. ये समय इसको लेकर बहस करने का नहीं, बल्कि देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने की है चाहे वो पक्ष हो या विपक्ष.
1. देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया…
— Mayawati (@Mayawati) August 21, 2026
मायावती ने लिखा यह समय वंदे मातरम पर बहस का नहीं
मायावती ने एक्स पर लिखा, 'देश में वंदे मातरम गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है, या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है. इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वंदे मातरम गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो कानून पास किया गया है यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है.'
मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि केन्द्र व राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान सभी पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ/फायदे के हिसाब से या फिर अपनी कमियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए यह सब करती रहती हैं अर्थात एक-दूसरे के बने कानूनों को बदलती रहती हैं. ये समय इसपर बहस का नहीं है.
मायावती ने गिनाए मुद्दे
बसपा सुप्रीमों ने लिखा, 'इस समय देश व जनहित के मुद्दों पर व खासकर बेरोजगार युवाओं व छात्र-छात्राओं ’जेन-Z’ व स्कूली बच्चे-बच्चियों की ’जी-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि पर ध्यान देेने की आवश्यकता है.
उन्होंने अपने पोस्ट में अंत में कहा कि इन अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्र व सभी राज्य सरकारों के साथ-साथ सभी राजनीतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देने की आवश्यकता है. यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे जरूरी मांग भी है.























