वंदे मातरम: UP से केरल तक बवाल, शाह पर कांग्रेस बोली- भटकाने की कोशिश
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं. गृह मंत्री अमित शाह के हमले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर दिखावटी राष्ट्रवाद और जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया.

वंदे मातरम पर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल तक बवाल मचा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हमले के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को बीजेपी नेताओं पर दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप लगाया. पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री पर जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया.
वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के रुख को वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ते हुए निशाना साधा. इस बीच केरल में बीजेपी ने राज्य सरकार पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को कथित तौर पर शामिल नहीं करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम करने का ऐलान किया है.
कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं को बताया दिखावटी राष्ट्रवादी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में कुछ नेताओं ने वंदे मातरम का मुद्दा उठाया था. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया.
रमेश के मुताबिक, खरगे ने 28 अक्टूबर 1937 को CWC की ओर से पारित प्रस्ताव का हवाला दिया. इस प्रस्ताव में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं की भूमिका थी. यह प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तैयार किया गया था.
रमेश ने बीजेपी नेताओं पर ‘फर्जी और दिखावटी राष्ट्रवाद’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस 1937 के उस प्रस्ताव का पालन करती रहेगी.
1950 में वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा
जयराम रमेश ने कहा कि 25 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत होगा. उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ में भी पांच में से केवल एक अंतरे को राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया गया है.
कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिकरण का लगाया आरोप
रमेश ने आरोप लगाया कि पिछले साल वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर हुई चर्चा के दौरान बीजेपी ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर एक अलग राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि यह मुद्दे का राजनीतिकरण है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं.
केरल में सभी जिला मुख्यालयों पर बीजेपी करेगी कार्यक्रम
इधर, तिरुवनंतपुरम में बीजेपी ने शुक्रवार को केरल के सभी जिला मुख्यालयों पर वंदे मातरम कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है. बीजेपी के राज्य महासचिव एस. सुरेश ने बताया कि पार्टी के 30 संगठनात्मक जिलों में ये कार्यक्रम होंगे.
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम राज्य सरकार की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को कथित तौर पर शामिल नहीं करने के विरोध में किए जाएंगे. बीजेपी ने सरकार पर वंदे मातरम की अनदेखी करने के साथ-साथ जमात-ए-इस्लामी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कथित सांप्रदायिक और विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया.
यूपी में भी वंदे मातरम के विवाद ने पकड़ा तूल
लखनऊ में बीजेपी ने भी कांग्रेस पर वंदे मातरम को लेकर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि परिस्थितियां बदल चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस अब भी दशकों पुराने फैसले पर अड़ी हुई है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, रस्सी जल गई मगर बल नहीं गया. गांधी परिवार और कांग्रेस की स्थिति अब भी ऐसी ही है.
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का फैसला वैचारिक सिद्धांतों के कारण नहीं, बल्कि वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है. मौर्य ने कांग्रेस से पूछा कि उसे गीत में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के उल्लेख से आपत्ति क्यों है और वह बाकी अंतरे गाने से किसके लिए इनकार कर रही है.
अखिलेश यादव ने बीजेपी नेताओं पर साधा निशाना
पूरे मामले में पत्रकारों के सवाल पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी के नेता खुद वंदे मातरम नहीं गा सकते और गीत बजने पर सिर्फ सिर हिलाते हैं. वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी से पूछा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसका क्या योगदान?
संजय सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक कथित पत्र का हवाला दिया, जो कथित तौर पर एक ब्रिटिश गवर्नर को लिखा गया था और जिसमें भारत छोड़ो आंदोलन को कुचलने की बात कही गई थी. सिंह ने आरएसएस के पूर्व प्रमुख केबी हेडगेवार के राष्ट्रीय ध्वज को लेकर रुख का भी हवाला दिया.
संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या किसी ने आरएसएस की शाखा या उसके किसी कार्यालय में तिरंगा फहराते हुए देखा है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आरएसएस ने राष्ट्रगान को मनोरंजन की चीज बताया था.
कांग्रेस बोली- हमारे कार्यक्रमों में हमेशा गाया जाता रहा वंदे मातरम
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में हमेशा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाया जाता रहा है, लेकिन बीजेपी के कार्यक्रमों में यह नहीं गाया जाता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में 1937 से यह परंपरा चली आ रही है और पार्टी हमेशा वंदे मातरम गाती रही है.























