'राहुल गांधी बंदर की तरह नाच रहे', कांग्रेस नेता को लेकर बृजभूषण सिंह का विवादित बयान
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की बंदर से तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे ज्यादा गुस्सा उन पर आता है.

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता तो ऐसा हो गया है जैसे कोई बंदर नाच रहा हो. किसी कभी इस चाल पर, कभी उस चाल पर. जब भी मैं देश की दुर्दशा को देखता हूं तो सबसे ज्यादा कांग्रेस के युवा नेता को कोसता हूं. वो 55 साल के हो गए हैं फिर भी उनके अंदर समझदारी नहीं हैं.
बृजभूषण शरण सिंह रविवार को बागपत पहुंचे थे, जहां उन्होंने विरोधी दलों पर जमकर हमले किए. उन्होंने मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी ना आया था और ना ही कभी यूजीसी आएगा इसलिए इसकी चिंता करना और बवाल करना छोड़िए. उन्होंने कहा कि हम जो बोलते हैं वो सोच समझकर बोलते हैं.
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'सीजेपी को विदेश से हो रही फंडिंग'
बीजेपी नेता ने इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि ये ऑकक्रोच का कॉकरोच आए हैं लेकिन, इनके चक्कर में पड़ना नहीं है. ये आए नहीं है. इन्हें भेजा गया है. इनके आंदोलन स्वयं के आंदोलन नहीं है इसलिए विदेश से फंड है. ये वही दिन आंदोलन कर है ज्यादा विकास संभावना हो.
उन्होंने कहा कि मैं किससे मन की बात कहूं, यहां कौन सुनने को तैयार है. फुर्सत किसको कितनी है? सब अपने में लगे हुए हैं, सबको अपनी-अपनी पड़ी है. मैं किससे मन की बात कहूं. मैं जब देश की दुर्दशा को देखता हूं तो मैं सबसे ज्यादा कांग्रेस के युवा नेता को कोसता हूं. 55 वर्ष के हो गए समझदारी विकसित नहीं हुई. अगर वो सही ढंग से विपक्ष की भूमिका निभाते तो देश और अच्छा प्रगति करता.
राहुल गांधी की बंदर से की तुलना
हमारे देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में सत्ता पक्ष की भी कल्पना की गई है और सशक्त विपक्ष की कल्पना की गई है. लेकिन, विपक्ष का नेता तो ऐसा हो गया है जैसे कोई बंदर नाच रहा हो. किसी कभी इस चाल पर, कभी उस चाल पर. मुझे दुख होता है क्योंकि, मेरे बाबा सन 1952 में कांग्रेस से विधायक थे. दो साल बाद मर गए. ये मेरे बाबा की पार्टी है.
भले ही मैं उस पार्टी में नहीं हूं लेकिन, मेरे बाबा की पार्टी होने के नाते मैं उससे सहानुभूति रखता हूं, लेकिन, जब बंदर बाबा को देखता हूं तो दुख होता है. इसलिए कहां कम समझना और समझना ज्यादा चाहिए. आपको बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह रविवार को बागपत के सम्राट पृथ्वी राज चौहान डिग्री कॉलेज पहुंचे थे, जहां उन्होंने राजपूत स्वाभिमान महासम्मेलन में हिस्सा लिया.





















