कभी बेचते थे सब्जी अब BJP में मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानें अमर पाल मौर्य का राजनीतिक सफर
UP News: अमर पाल मौर्य का संघ से जुड़ाव 1993 में मुख्य शिक्षक के तौर पर हुआ. इसके बाद 1996 में वह मंडल कार्यवाह और 1997 में सह खंड कार्यवाह बने.

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य को पार्टी ने राष्ट्रीय OBC मोर्चे की कमान सौंपी है. अमर पाल मौर्य का राजनीतिक सफर सब्जी बेचने से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक, बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद बनने तक तय किया.
11 सितंबर 1980 को प्रतापगढ़ जिले के राजापुर बिंधन गांव में जन्मे अमर पाल मौर्य ने जैन विश्वभारती संस्थान, लाडनूं से योग में एमए की पढ़ाई की है. उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है. शुरुआती दौर में उन्होंने सब्जी बेचने का काम भी किया.
अमर पाल मौर्य का संघ से जुड़ाव 1993 में मुख्य शिक्षक के तौर पर हुआ. इसके बाद 1996 में वह मंडल कार्यवाह और 1997 में सह खंड कार्यवाह बने. वर्ष 2000 से 2006 तक उन्होंने दिल्ली और हरियाणा में जिला प्रचारक के तौर पर संगठन की जिम्मेदारी संभाली.
पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य भी रहे
गंगा आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही. साल 2016 से 2019 तक वह बीजेपी उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे. इसके बाद 2018 से मार्च 2024 तक प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य भी रहे.
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. हालांकि वह चुनाव हार गए. इसके बाद संगठन में उनका कद लगातार बढ़ता गया. वर्ष 2019 से जून 2026 तक उन्होंने बीजेपी के प्रदेश महामंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए और काशी तथा अवध क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाली.
2024 में राज्यसभा के लिए हुए निर्वाचित
अप्रैल 2024 में अमर पाल मौर्य राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. मौजूदा समय में वह संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति, युवक कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति और विद्युत मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य हैं. फरवरी 2026 से वह भारत-पोलैंड संसदीय मैत्री समूह के सदस्य भी हैं. अब बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय OBC मोर्चे की जिम्मेदारी देकर संगठन में एक और महत्वपूर्ण भूमिका दी है.























