भदोही में 62.87 करोड़ की स्टांप चोरी का खुलासा, मचा हड़कंप, जांच शुरू
Bhadohi News:काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने टोल को चलाने के लिये संबंधित विभाग से पट्टा लिया और यहीं पर उसने करोड़ों रुपए का सरकार को चुना लगा दिया. अब प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

UP News: यूपी के भदोही जनपद से भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी खबर है. यहां वाराणसी प्रयागराज नेशनल हाईवे 19 स्थित टोल प्लाजा के नाम पर 62.87 करोड़ के स्टाम्प चोरी का मामला प्रकाश में आया है. NHAI से काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को 3144 करोड़ में 15 वर्ष के लिए ठेका लिया, लेकिन इसमें 2 प्रतिशत की बजाय 100 रुपए के स्टाम्प शुल्क देकर पंजीकृत करा लिया गया. हालांकि इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. इसकी सही जांच हुई तो कई बड़े अधिकारी और नेताओं व् माफियाओं के सांठ गांठ में शामिल चेहरो से नक़ाब उतर जायेगा.
मामला जनपद के नेशनल हाईवे स्थित लाला नगर टोल प्लाजा का है. यहां काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने टोल को चलाने के लिये संबंधित विभाग से पट्टा लिया और यहीं पर उसने करोड़ों रुपए का सरकार को चुना लगा दिया. जनपद के एआईजी रजिस्ट्रेशन विभाग के पंकज सिंह ने बताया कि उपरोक्त फर्म ने 18 मार्च 2023 को वाराणसी से प्रयागराज के बीच NH-19 पर 3144 करोड़ रुपये मूल्य का अनुबंध हुआ था. पंकज सिंह ने कहा कि स्टांप अधिनियम के तहत किसी भी अनुबंध मूल्य का 2 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना होता है, लेकिन काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने 100 रूपये का स्टांप शुल्क देकर लगभग 62.87 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी करते हुए बड़ा घोटाला कर दिया जिसकी जांच जारी है.
जिला प्रशासन ने शुरू की जांच
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में हुये इस बड़े भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है. बताया जाता है कि बीते साल 2024 के अक्टूबर माह में मुख्य सचिव के आदेश के आधार पर स्टांप शुल्क मामले की जांच शुरूवात हुई थी जो अब जाकर बाहर निकला है. एआईजी स्टांप पंकज सिंह ने बताया कि फर्म द्वारा वाराणसी के राजातालाब हाईवे से प्रयागराज बॉर्डर के हंडिया तक की लंबाई लगभग 72 किलोमीटर है जिसका टोल किराया लिया जाता है. पंकज सिंह ने कहा कि फर्म के खिलाफ शिकायत मिलने पर इसकी जांच में पता चला कि उपरोक्त अनुबंध में राज्य सरकार को कुल 62.87 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाते हुए घोटाला किया गया है.
भदोही एआईजी स्टांप पंकज सिंह ने बताया कि उन्होंने 20 जून 2025 को जिला कलेक्टर की अदालत में फर्म के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है. जिसकी सुनवाई जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में तारीख लगी हुई है. पंकज सिंह ने बताया कि नई दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस प्रीतमपुरा स्थित फर्म काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने 18 मार्च 2023 को टोल प्लाजा चलाने को लेकर 3144 करोड़ रुपए का राज्य सरकार को भुगतान किया था. बावजूद इसके 62.87 करोड़ रुपये की अनिवार्य स्टांप ड्यूटी देने की बजाय मात्र 100 रुपये का स्टांप भुगतान कर 15 साल का ठेका कैसे ले लिया. यह समझ के परे है इसलिए भदोही जिलाधिकारी की अदालत में केस दायर किया गया है.
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