बस्ती में जल विभाग में करोड़ों का घोटाला, फाइलों में बनी लेकिन जमीन पर नहीं बन पाई पानी की टंकी
Basti News: बस्ती में जल निगम के बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. जहां लोगों के घरों में नलों को तो लगा दिया है लेकिन पानी सप्लाई के लिए एक टंकी तक नहीं बन पाई, ठेकेदार और अफ़सर सारे पैसे डकार गए.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जल नहीं, बल्कि 'जल की योजना' ही भ्रष्टाचार का जीवन बन गई है. लखनऊ से महज 200 किलोमीटर दूर, विकास की ऐसी 'उल्टी गंगा' बह रही है कि गांव वालों के घर के बाहर नल तो है लेकिन, पानी नहीं. यहां भ्रष्टाचार का ऐसा जादू चला कि यहां करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी फाइलों पर बनी लेकिन, धरातल पर नहीं. अफसरों ने सारे पैसे डकार लिए.
बस्ती में जल निगम के बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. दरअसल बस्ती के सदर ब्लॉक में स्थित हरदिया गांव में साल 2015-16 में निर्मल योजना के तहत सवा दो करोड़ रुपये की लागत से टंकी बनाई गई थी. इसके बाद साल 2019-20 में उसी जगह फिर से लाखों रुपये खर्च करके दूसरी टंकी भी बनी लेकिन, वो सिर्फ कागजों पर ही बनी.
सिर्फ कागजों पर बनी पानी की टंकी
हैरानी की बात ये है कि आज वहां एक भी टंकी खड़ी नहीं है. पुरानी वाली टंकी में इतना भ्रष्टाचार था कि वो लीक होने लगी, जिसके बाद उसे रातों-रात ज़मींदोज कर दिया गया. और दूसरी वाली बस बोर्ड पर ही बन पाई है. अधिकारी यहां बोर्ड लगाकर चले गए हैं. गांव वालों का कहना कि अधिकारी बस यहां बोर्ड लगाकर चले गए लेकिन, अब तक टंकी नहीं पाई है.
टंकी नहीं बनने की वजह से स्थानीय लोग पानी के लिए तरस गए हैं. उन्हें घंटों बाल्टी लेकर लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है तब कहीं जाकर थोड़ा बहुत पानी मिल पाता है.
घोटाले पर जल निगम ने साधी चुप्पी
जल निगम के सवा दो करोड़ के घोटाले पर जब अधिशासी अभियंता योगेंद्र प्रसाद से सवाल पूछा गया तो वो बचते हुए नजर आए, उन्होंने कहा कि 'आज नहीं बताऊंगा, कल बताऊंगा.' कुल मिलाकर हरदिया में अफसर और ठेकेदारो ने मिलकर सरकारी पैसे का बंदरबाँट कर लिया और जनता पानी के लिए भटकने को मजबूर है.
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