धर्मांतरण का डरावना नेटवर्क: बस्ती में मौलाना छांगुर की साजिश उजागर, दो बेटियों ने सुनाई रूह कंपा देने वाली कहानी
Basti News:पीड़िताओं ने बताया कि गैर-हिंदू युवकों ने उन्हें प्रेम के बहाने फंसाया औरछांगुर केसंपर्क में लाकर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की. पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरूकर दी है.

उत्तर प्रदेश के बस्ती में धर्मांतरण माफिया मौलाना जमालुद्दीन छांगुर उर्फ की करतूतें परत-दर-परत अब खुल रहीं हैं. दो हिंदू बेटियों ने हिम्मत दिखाते हुए अपने प्रेम जाल और उत्पीड़न की दर्दनाक कहानी साझा की, जिसमें छांगुर का काला चेहरा सामने आया है. पीड़िताओं ने बताया कि गैर-हिंदू युवकों ने उन्हें प्रेम के बहाने फंसाया और छांगुर के संपर्क में लाकर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की. पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि हिंदूवादी संगठन ने छांगुर के नेटवर्क की गहन जांच की मांग उठाई है.
पाहला मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है. यहां की रहने वाली पीड़ित ने बताया कि स्थानीय युवक इस्तियाक अहमद ने इंस्टाग्राम के जरिए उसे प्रेम जाल में फंसाया. आर्थिक मदद के बहाने उसे महाराष्ट्र के पुणे भेजने की बात कहकर इस्तियाक ने वीडियो कॉल के जरिए एक दाढ़ी वाले बुजुर्ग से उसकी बात कराई, जो खुद को मुस्लिम धर्म का समर्थक बताते हुए स्वागत किया और नौकरी का लालच दिया.
यह बुजुर्ग बाद में मौलाना छांगुर के रूप में पहचाना गया. नाबालिग बेटी छांगुर और इस्तियाक के बहकावे में आकर पुणे चली गई, लेकिन दो दिन बाद पुलिस ने उसे बरामद कर लिया.
पीड़िता को नहीं पता थी साजिश
लालगंज थाने ने इस्तियाक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया. पीड़िता की मां और पिता ने बताया कि हमें नहीं पता था कि बेटी को किस जाल में फंसाया जा रहा था. अब हम चाहते हैं कि छांगुर को सजा मिले. वहीं पीड़िता ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि इस्तियाक मुझे कहां ले जा रहा है. उस बुजुर्ग ने मुझे इस्लाम कबूल करने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया.
वाल्टरगंज की थी दूसरी पीड़िता
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र की दूसरी पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके प्रेमी अहमद रजा ने उसके साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कीं. उसने जबरन बलात्कार किया, गौ मांस खाने को मजबूर किया, और बलरामपुर ले जाकर मौलाना छांगुर से मिलवाया. छांगुर ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया और सारी जरूरतें पूरी करने का लालच दिया. पीड़िता ने बताया कि मैंने मना कर दिया, तो अहमद ने मुझे मारा-पीटा और प्रताड़ित किया. अब मुझे समझ आया कि वह छांगुर का एजेंट था.
2024 में वाल्टरगंज थाने ने अहमद रजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया, जो अभी सजा काट रहा है.
हिंदूवादी संगठन की मांग
इन दोनों मामलों में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने दोनों पीड़िताओं से मुलाकात की और उनके बयान सुने. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बस्ती जनपद में हिंदू लड़कियों को मुस्लिम युवकों द्वारा प्रेम जाल में फंसाकर शादी या भागने के सभी मामलों की जांच हो. अखिलेश सिंह ने कहा कि छांगुर का नेटवर्क बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. दोनों बेटियों ने हिम्मत दिखाई, लेकिन कितनी और बेटियां उसके जाल में फंसी होंगी? हम उनकी मदद के लिए तैयार हैं.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है, और दोनों मामले के आरोपी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं. पुलिस अभी इनके और नेटवर्क को तलाश रही है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















