बस्ती: छुट्टी पर घर आए जांबाज फौजी की संदिग्ध हालात में मौत, छत पर मिला शव
Basti News: दुबौलिया थाना क्षेत्र के भनखरपुर गांव में सोमवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब ग्रामीणों को पता चला कि उनके गांव का लाल, लांस नायक शरद उपाध्याय अब इस दुनिया में नहीं रहा.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. सरहदों पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला एक जांबाज सिपाही अपने ही घर की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया. दुबौलिया थाना क्षेत्र के भनखरपुर गांव में सोमवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब ग्रामीणों को पता चला कि उनके गांव का लाल, लांस नायक शरद उपाध्याय अब इस दुनिया में नहीं रहा.
राजस्थान के अलवर जिले में 412 यूनिट में तैनात लांस नायक शरद उपाध्याय महज 9 दिन पहले ही सेना से छुट्टी लेकर अपने घर आए थे. घर में त्यौहार जैसा माहौल था, परिजन खुश थे कि बेटा सरहद से सुरक्षित लौटकर उनके बीच आया है. लेकिन किसे पता था कि यह छुट्टियां शरद की आखिरी छुट्टियां साबित होंगी. सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव उनके ही मकान की छत पर मिलने से पूरी बस्ती जनपद में सनसनी फैल गई है.
9 दिन में ऐसा क्या हुआ जो उठाया आत्मघाती कदम
घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. भारी संख्या में ग्रामीण शरद के घर के बाहर जमा हो गए।.शव के मिलने की स्थिति को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं. आखिर 9 दिन पहले छुट्टी पर आए एक फौजी की मौत उसके अपने ही घर की छत पर कैसे हो गई? क्या यह कोई हादसा है, मानसिक तनाव का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? ये वो सवाल हैं जो फिलहाल भनखरपुर के हर शख्स की जुबान पर हैं.
सूचना पाकर दुबौलिया थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है.
पुलिस ने शुरू की छानवीन
दुबौलिया थाने के प्रभारी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है. सेना के जवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है. हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है. फौजी शरद उपाध्याय के निधन की खबर मिलते ही भनखरपुर सहित आस-पास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि शरद एक अनुशासित और मिलनसार व्यक्ति थे. देश सेवा का जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा था. उनकी इस असामयिक और संदिग्ध मौत ने न केवल उनके परिवार को अनाथ कर दिया है, बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. वही देर शाम गांव में दिवंगत आर्मी जवान का शव तिरंगे में लिपट कर आया तो अंतिम दर्शन के लिए लोगो को भीड़ उमड़ पड़ी, और इस घटना को देखकर सभी की आंखे नम थी.
























