'बस बहुत हो गया अब हम अपनी मस्जिदों पर...' संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क
Zia Ur Rehman Barq News: संभल में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के बाद सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि हमारी मजहबी आजादी को छीना जा रहा है. ऐसा करने का किसी सरकार को अधिकार नहीं है.

संभल में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के बाद राजनीति गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क भड़क गए हैं. उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. सपा नेता ने कहा कि अब बहुत हो गया. हमलोग अब अपने मस्जिद और मदरसे पर कारवाई नहीं होनें देगें. हमलोग संवैधानिक तौर से लड़ाई लड़ेंगे.
उन्होंने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'जुल्म की इंतिहा हो गई. लाख कोशिशों, गुज़ारिशों और कानूनी प्रयासों के बावजूद सम्भल प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया गया. ऐसा महसूस होता है अधिकारियों द्वारा आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ कार्रवाई की जा रही है.''
हमारी मजहबी आजादी को छीना जा रहा- बर्क
सपा सांसद ने कहा, ''हमारी मजहबी आजादी को छीना जा रहा है. ऐसा करने का किसी सरकार को अधिकार नहीं है. अब हमलोग अपने धार्मिक स्थल पर हमला नहीं होने देगें. प्री प्लानिंग के तहत मस्जिद पर कारवाई की गयी है. गांव के लोगों को बिना बताये कारवाई की गयी है.''
'अधिकारियों ने अपनी सीमा रेखा के बाहर जाकर काम किया'
जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा, ''अधिकारियों ने अपनी सीमा रेखा के बाहर जाकर काम किया है. हम लोगों से अपील करते हैं कि संवैधानिक तरीके से आपलोग लड़ाई कीजिये. हमलोग कोर्ट जायेगें. रात में फैसला करके दिन में बुलडोजर की कारवाई की जा रही है.''
यूपी प्रशासन ने 6 जून को मुस्तफा कादरी मस्जिद को गिराया
बता दें कि यूपी प्रशासन ने शनिवार (06 जून) को मुस्तफा कादरी मस्जिद को गिरा दिया था. बताया जा रहा है कि यह मस्जिद कब्रिस्तान की जमीन के एक हिस्से पर अवैध रूप से बनाई गई थी. डीएम अंकित खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''जिले में सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे लगातार हटाए जा रहे हैं. इसी क्रम में, 'कब्रिस्तान' की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक शिकायत मिली थी.''
उन्होंने बताया, ''तहसीलदार कोर्ट ने एक नोटिस जारी कर अवैध कब्जे को हटाने का आदेश दिया था. इसके खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में अपील दायर की गई थी. सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि मस्जिद सार्वजनिक जमीन पर बनी थी और अवैध थी. इसलिए, इसे गिराना जरूरी था.''
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