घर का इनवर्टर या कार का AC? बिजली कटौती में कौन पड़ेगा सस्ता, समझिए पूरा गणित
Car AC Fuel Consumption: बिजली कटौती के दौरान कार का AC चलाना आसान विकल्प लग सकता है, लेकिन इससे पेट्रोल खर्च और इंजन पर असर पड़ सकता है. जानिए इनवर्टर और कार AC में कौन ज्यादा किफायती है.

Car AC Fuel Consumption: गर्मियों में बिजली कटौती होने पर सबसे बड़ी परेशानी गर्मी से राहत पाने की होती है. ऐसे समय में कई लोग घर के इनवर्टर का सहारा लेते हैं, जबकि कुछ लोग कार में बैठकर AC चलाना ज्यादा आसान समझते हैं. पहली नजर में कार का AC आरामदायक विकल्प लगता है, लेकिन क्या यह जेब पर भारी पड़ सकता है. यही सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है.
कार का AC चलाने के लिए इंजन लगातार चालू रखना पड़ता है, जिससे पेट्रोल की खपत होती रहती है. दूसरी तरफ इनवर्टर बैटरी में जमा बिजली का उपयोग करता है. ऐसे में दोनों विकल्पों के खर्च और असर को समझना जरूरी है. अगर आप भी बिजली जाने पर कार का AC इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह जान लेना बेहतर होगा कि एक घंटे तक AC चलाने में कितना खर्च आ सकता है और इसका गाड़ी पर क्या असर पड़ सकता है.
एक घंटे कार का AC चलाने में कितना खर्च होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार खड़ी कार में AC चलाने के लिए इंजन चालू रखना जरूरी होता है. आमतौर पर कार का इंजन एक घंटे में लगभग 0.8 से 1.2 लीटर तक पेट्रोल खर्च कर सकता है. यह आंकड़ा कार के इंजन, AC की सेटिंग और मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करता है. अगर पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास मानी जाए, तो एक घंटे AC चलाने का खर्च करीब 80 से 120 रुपये तक पहुंच सकता है.
यानी कुछ घंटों तक कार का AC चलाना आपकी जेब पर अच्छा खासा असर डाल सकता है. इसके अलावा लगातार आइडलिंग पर इंजन चलाने से ईंधन की बर्बादी भी होती है. इसलिए केवल आराम के लिए लंबे समय तक कार का AC चलाना आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद नहीं माना जाता.
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इनवर्टर क्यों साबित हो सकता है बेहतर विकल्प?
घर का इनवर्टर आमतौर पर बिजली जाने के बाद पंखे, लाइट और कुछ जरूरी उपकरण चलाने के लिए बनाया जाता है. इसकी लागत कार के AC की तुलना में काफी कम पड़ सकती है क्योंकि इसमें सीधे पेट्रोल या डीजल खर्च नहीं होता. वहीं लंबे समय तक खड़ी कार में AC चलाने से इंजन और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार का AC केवल जरूरत पड़ने पर और सीमित समय के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.
अगर घर में अच्छा इनवर्टर सिस्टम मौजूद है, तो बिजली कटौती के दौरान यह ज्यादा किफायती और समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है. कुल मिलाकर अगर खर्च का हिसाब लगाया जाए तो घर का इनवर्टर अधिक सस्ता पड़ता है, जबकि कार का AC सिर्फ अस्थायी राहत देने वाला विकल्प माना जा सकता है.
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