'ये घर वापसी नहीं धर्मांतरण है' संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन
Shahabuddin Razvi On Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख मोहन भागवत के भारतीय मुस्लिमों की घर वापसी से संबंधित बयान को मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने घर वापसी नहीं बल्कि धर्मांतरण करार दिया है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय मुसलमानों की घर वापसी से संबंधित लखनऊ में मंगलवार को एक बयान दिया, जिस पर अब प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा, इस तरह से बहुत हिंदू नेता हैं जो घर वापसी की बात कह चुके हैं, इसे मैं घर वापसी नहीं धर्मांतरण ही समझता हूं. वो एक तरीके से घर वापसी नहीं है, धर्म बदलना है."
'धर्म परिवर्तन है गैर कानूनी'
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आगे कहा कि, धर्मांतरण को लेकर कानून बन चुका है, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम यदि वह धर्मांतरण कराता है तो वह कानून के कटघरे में खड़ा होगा. मौलाना ने कहा कि, संविधान ने स्पष्ट तरीके से उल्लेख किया है कि जबरदस्ती, दबाव से या प्रलोभन देकर किसी व्यक्ति का धर्म नहीं बदला जा सकता. अगर कोई ऐसा करता है तो वह गैर कानूनी है.
'कोई धर्मांतरण कराता तो होनी चाहिये कानूनी कार्रवाई'
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने यह भी स्पष्ट किया है कि, इस सिलसिले में कोई मुस्लिम संस्था या हिंदू संस्था धर्मांतरण कराती है तो वह गुनहगार होगी और उसके खिलाफ कानूनी होनी चाहिये. मौलाना ने यह भी कहा कि, "मैंने घर वापसी के सिलसिले में कई हिंदू नेताओं के बयान सुने हैं. वह घर वापसी नहीं बल्कि धर्मांतरण है.'
मोहन भागवत ने क्या कहा था?
दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार (17 फरवरी 2026) को लखनऊ के निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय मुसलमानों की घर वापसी और हिंदू समुदाय के लोगों को तीन बच्चे पैदा करने की नसीहत दी. मोहन भागवत के इस बयान पर अब प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.
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Source: IOCL

























