बाराबंकी: इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की होगी स्थापना, सब्जी और फूलों की खेती में आएगा बड़ा बदलाव
सेंटर का पूरे प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी होगा. परियोजना स्थल का निरीक्षण कर नीदरलैंड के कृषि विशेषज्ञ जोप वैन बालेन व उनकी टीम ने मिट्टी, पानी, जलवायु एवं निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन किया है.

UP News: उत्तर प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. उद्यान विभाग जनपद बाराबंकी के त्रिवेदीगंज क्षेत्र के गांव सोनिकपुर में नीदरलैंड (डच) के सहयोग से प्रदेश का पहला इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने जा रहा है. यह परियोजना सब्जी और फूलों की उन्नत खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ किसानों को वैश्विक तकनीक से जोड़ने का काम करेगी.
प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में इस प्रोजेक्ट को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई. मंत्री ने बताया कि लगभग सात हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस सेंटर से किसानों को हाई-वॉल्यूम फसलों जैसे टमाटर, रंगीन शिमला मिर्च, खीरा एवं विभिन्न फूलों की खेती में अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ मिलेगा.
यहां के किसानों को मिलेगा लाभ
यह सेंटर रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी होगा. परियोजना स्थल का निरीक्षण कर नीदरलैंड (डच) के कृषि विशेषज्ञ जोप वैन बालेन व उनकी टीम ने मिट्टी, पानी, जलवायु एवं निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन किया है. सेंटर में आधुनिक सब्जी नर्सरी की स्थापना, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन की भी व्यवस्था की जाएगी.
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मंत्री दिनेश सिंह ने नीदरलैंड की तकनीकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए इस सहयोग को भविष्य में और सशक्त बनाने की बात कही. उन्होंने परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश भी दिए. इस बैठक में उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी सहित कई वैज्ञानिक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे. सरकार का मानना है कि यह सेंटर न केवल प्रदेश में आधुनिक कृषि की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में भी एक सशक्त कदम होगा.
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