बाराबंकी में खाद को लेकर हाहाकार! किसान कतारों में, DM बोले- यूरिया-डीएपी की कोई कमी नहीं
Barabanki News In Hindi: किसानों का कहना है कि कई समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इन दिनों यूरिया और डीएपी खाद को लेकर किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. धान की फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय पर किसान सुबह से शाम तक खाद केंद्रों और सहकारी समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कई किसानों का कहना है कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है. इससे खेती का कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है और किसानों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है.
किसानों का कहना है कि कई समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. वहीं कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जा रही है और खाद की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.
प्रशासन का खाद आपूर्ति का दावा
जिला प्रशासन ने खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों को आश्वस्त किया है. जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी उपलब्ध कराई जा रही है.
उन्होंने बताया कि पूर्व में खाद वितरण के दौरान तकनीकी समस्या सामने आई थी. इसे देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया था कि निजी खाद दुकानों और सहकारी समितियों पर सुबह 7 बजे से खाद का वितरण शुरू कराया जाएगा. प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया है और अब वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है.
तीन हजार मीट्रिक टन वितरण
डीएम ने बताया कि कल जिले में 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद का वितरण किया गया, जबकि आज भी सभी केंद्रों पर नियमित रूप से खाद का वितरण जारी है. उन्होंने कहा, "मैं जिले के सभी किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि बाराबंकी में खाद की कोई कमी नहीं है. किसानों को हर समय पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी."
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन लगातार प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) अभियान चला रहा है. खाद के डायवर्जन, टैगिंग और ओवररेटिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जहां भी इन अनियमितताओं की शिकायत मिली है, वहां तत्काल कार्रवाई की गई है.
कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती
डीएम ने बताया कि अब तक खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं. साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि कोई दुकानदार खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग, डायवर्जन या टैगिंग में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एक ओर किसान खाद की उपलब्धता को लेकर परेशानी जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. अब देखना होगा कि प्रशासन के दावों के बीच जमीनी स्तर पर किसानों को समय पर खाद मिल पाती है या नहीं.


















