'मेरा वक्त पूरा हो गया', UAE में फांसी से पहले ये था शहजादी का आखिरी बयान, पिता हुए भावुक
Shahzadi Khan Hanging: बांदा की एक युवती को अबुधाबी में बीते माह फांसी की सजा हुई. युवती पर एक बच्ची के हत्या का आरोप था, इस मामले में पीड़ित पिता ने अब चौंकाने वाला खुलासा किया है.

UP News: अबू धाबी में चार महीने के बच्चे की हत्या के मामले में भारतीय महिला शहजादी खान को 15 फरवरी को फांसी दे दी गई. इस बात की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट में आज सोमवार (3 मार्च) को मृतक महिला के पिता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई.
वहीं अब उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली शहजादी खान के पिता शब्बीर खान ने बेटी के फांसी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिला.
शब्बीर खान के पिता ने बताया कि आखिरी बार जब शहजादी फोन किया था तो वह बहुत घबराई हुई थी. उन्होंने कहा कि वह बड़ी मुश्किल से बोल पाई थी कि मेरा वक्त पूरा हो गया. शब्बीर खान ने रुंधे गले से बताया कि आखिरी बार हुई बातचीत में हम लोग रोने लगे. शहजादी ने हम सबको बहुत समझाया और बताया कि कल हमें फांसी होनी है. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी के साथ इंसाफ नहीं हुआ है.
STORY | Indian woman, Shahzadi Khan, on death row in Abu Dhabi executed, Delhi HC told
— Press Trust of India (@PTI_News) March 3, 2025
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VIDEO | Here's what Shahzadi Khan's father Shabbir Khan said:
"She was not given justice. I tried my best. I have been trying since last year. I don't have… pic.twitter.com/jFwBIbYgrF
'सरकार ने हमारा साथ नहीं दिया'
शहजादी खान के पिता ने शब्बीर खान ने बताया कि मैंने बहुत कोशिश की. इस दौरान मैंने भारत सरकार समेत कई जगहों पर आवेदन दिए. पिछले साल से मैं लगातार दौड़ रहा हूं. उन्होंने कहा, "हमारी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि हम लोग वहां जा पाते या वहां वकील करते. दुबई के वकील भी बहुत महंगे हैं."
शब्बीर खान ने दावा किया कि "सरकार ने हमारा साथ नहीं दिया." शहजादी के पिता ने कहा, "यहां पर हमने आवेदन बाद में दिया. हम 14 फरवरी में बात की और 15 फरवरी में उन्होंने फांसी दे दी. जबकि भारतीय एंबेसी को कोई खबर नहीं दी गई या अगर उन्हें रही होगी तो हमें बताया नहीं है."
पिता ने किया ये खुलासा
शब्बीर खान ने कहा, "वह (शहजादी खान) भारत की बेटी है, इसलिए पूरे मामले में दुबई में भारतीय एंबेसी की जिम्मेदारी होती है." उन्होंने बताया कि "मैं ने फोन पर उनसे पूछा कि सर मेरी लड़की जिंदा है कि नहीं है. मुझे फोन आया था और मेरा दिल बेचैन है."
मातम में डूबे शब्बीर खान ने एंबेसी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने उनसे पूछा कि अगर मेरी बेटी जिंदा है तो भी और नहीं है तो भी बता दें. इसके बाद उन्होंने मौत की पुष्टि कर दी. यह फोन 28 फरवरी को किया था शाम में 7 बजे." उन्होंने खुलासा किया कि फोन पर अधिकारियों ने बताया कि आपकी बेटी को 15 फरवरी को ही सजा दे दी गई है.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इससे पहले विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 28 फरवरी को आधिकारिक रूप से भारतीय दूतावास को सूचित किया कि "शहजादी खान की सजा को स्थानीय कानूनों के अनुसार लागू कर दिया गया है."
मंत्रालय ने आगे बताया कि यूएई की सर्वोच्च न्यायिक संस्था कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मौत की सजा को बरकरार रखा था, और सभी कानूनी अपीलों और दया याचिकाएं फैसले को बदलवाने में नाकाम रहे.
इससे पहले आज विदेश मंत्रालय ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि भारतीय नागरिक शहजादी खान को 15 फरवरी 2025 को यूएई में फांसी दी गई थी. उन्हें अपनी देखरेख में एक शिशु की हत्या के अपराध में दोषी ठहराया गया था.
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