तीन दिन बिल्कुल फ्री होगा ताजमहल का दीदार, डेट नोट कर बना लीजिए प्लान
एएसआई की ओर से जारी आदेश के अनुसार 15, 16 और 17 जनवरी को तीनों ही दिन ताजमहल का फ्री में दीदार करने का समय अलग-अलग तय किया गया है.15 जनवरी, गुरुवार को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक एंट्री फ्री रहेगी.

अगर आप उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर आई है. दरअसल मुगल बादशाह शाहजहां के तीन दिवसीय वार्षिक उर्स के मौके पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI ने ताजमहल में एंट्री बिल्कुल फ्री करने का फैसला लिया है. इसके तहत जनवरी में ही 15 जनवरी, 16 जनवरी और 17 जनवरी को तय समय के दौरान पर्यटक बिना किसी टिकट के दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल का दीदार कर सकेंगे. ASI की ओर से इस संबंध में ऑफिशियल आदेश भी जारी कर दिया गया है.
कब ताजमहल का दीदार फ्री में कर सकेंगे लोग?
एएसआई की ओर से जारी आदेश के अनुसार 15, 16 और 17 जनवरी को तीनों ही दिन ताजमहल का फ्री में दीदार करने का समय अलग-अलग तय किया गया है. 15 जनवरी, गुरुवार को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक एंट्री फ्री रहेगी. वहीं 16 जनवरी, शुक्रवार को भी दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक ताजमहल का लोग फ्री में दीदार कर सकेंगे. इसके अलावा 17 जनवरी, शनिवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक यानी पूरे दिन ताजमहल में एंट्री फ्री रहेगी.
ताजमहल के टिकट काउंटर रहेंगे बंद
ASI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उर्स के दौरान तय समय पर ताजमहल के सभी टिकट काउंटर पूरी तरह बंद रहेंगे. पर्यटकों को न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टिकट लेने की जरूरत होगी. तय किए गए समय में सीधे ताज में एंट्री अनुमति दी जाएगी. वहीं भीड़ को देखते हुए भी एएसआई और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दरअसल शाहजहां के उर्स के अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से जायरीन और पर्यटक आगरा पहुंचते हैं. इस दौरान ताजमहल परिसर में पारंपरिक रस्में भी निभाई जाती है और मुख्य मकबरे पर सतरंगी चादर चढ़ाई जाती है. ऐसे में इस समय पर एंट्री फ्री होने से पर्यटकों को तो राहत मिलेगी ही, साथ ही होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और अन्य स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
शाहजहां और मुमताज महल के प्रेम की निशानी है ताजमहल
ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया था. इसकी नींव 1632 में रखी गई थी. वहीं बाद में ताजमहल प्रेम, सुंदरता और मुगल स्थापत्य कला की पहचान बन गया. वहीं आज यह स्मारक यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है.
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