बागपत: गौरव यादव हत्याकांड में हुआ सनसनीखेज खुलासा, पिता ने कराई थी बेटे की हत्या
गौरव यादव हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. कृष्णपाल ने बेटे गौरव की हत्या का सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय किया था. गौरव अपने हिस्से की कृषि भूमि बेचना चाहता था, जो कृष्णपाल को कतई गंवारा नहीं था.

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस ने के गौरव यादव हत्याकांड का सनसनीखेज राजफाश कर दिया है. गौरव की हत्या उसके ही पिता और मुकदमे के वादी कृष्णपाल ने कराई थी और कत्ल का सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय किया था. पुलिस ने कृष्णपाल और भाड़े के दो हत्यारों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का राजफाश कर दिया है. हत्या की कहानी के पीछे पुलिस का दावा है कि कृष्णपाल अपने नशेड़ी बेटे से परेशान था. वो आए दिन कृष्णपाल और अपनी माता संतो देवी के साथ मारपीट करता था और अपने हिस्से की कृषि भूमि बेचना चाहता था, जो कृष्णपाल को कतई गंवारा नहीं था.
नशेड़ी था गौरव मूलरूप से बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के रहने वाले रिटायर्ड अध्यापक और साधन सहकारी समिति बुढ़सैनी के चेयरमैन कृष्णपाल यादव पिछले कुछ समय से सूरज पार्क समयपुर बादली, दिल्ली में रह रहे हैं. उनका बेटा गौरव नशेड़ी था जो आए दिन कृष्णपाल और अपनी माता संतो देवी के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट करता था. गौरव अपने हिस्से की कृषि भूमि भी बेचना चाहता था. परेशान होकर कृष्णपाल यादव ने अपने बेटे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इसके लिए उन्होंने अपने ही गांव सैडभर के रहने वाले लियाकत से संपर्क किया. लियाकत दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करता था. कृष्णपाल ने लियाकत को अपने बेटे से परेशानी की पूरी हकीकत बताते हुए उसे हमेशा के लिए दुनिया से विदा कर देने की बात कही.
डेढ़ लाख में तय हुआ सौदा कृष्णपाल ने बेटे की हत्या का सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय कर लिया. कृष्णपाल ने लियाकत से कहा कि वो अपने बेटे को अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए कहेगा और गौरव को लियाकत के साथ भेज देगा. उधर, लियाकत ने पूरी योजना पर मुहर लगाते हुए इस संबंध में दिल्ली के नंदनगरी में रहने वाले मनोज उर्फ सूरज से संपर्क किया और डेढ़ लाख में हत्या करने की बात बताई, जिसके बाद मनोज भी कत्ल करने के लिए तैयार हो गया.
रची गई साजिश योजना के मुताबिक कृष्णपाल ने 18 सितंबर को अपने बेटे गौरव यादव को दिल्ली की आजादपुर मंडी में कार लेकर बुलाया और लियाकत से मिलवाते हुए कहा कि इसे अपने हिस्से की भूमि बेचने के लिए दिखा दो. जिसके बाद गौरव और लियाकत कार में बागपत के लिए चल दिए. योजना के मुताबिक नंदनगरी में सड़क पर मनोज भी मिला, जिसे लिकायत ने कार की अगली सीट पर बैठा लिया और स्वयं पिछली सीट पर बैठ गया.
पीछे से मारी गोली बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के हिसावदा गांव में जाने के बाद लिकायत ने कार को खड़ंजे की ओर ले चलने को कहा और इसी दौरान चलती कार में पीछे से गौरव को गोली मार दी. कार गन्ने के खेत में घुस गई और इसी दौरान लियाकत ने तमंचे से दूसरी गोली मार दी, जिसके बाद गौरव ने कार में ही दम तोड़ दिया. दोनों ने गौरव को कार से नीचे फेंक दिया. लियाकत और मनोज ने गौरव की कार को ट्रॉनिका सिटी लोनी में लावारिस हालत में खड़ी कर दी और फरार हो गए.
आरोपी गिरफ्तार उधर, सिंघावली अहीर पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर गौरव की शिनाख्त कर कर ली. पुलिस ने कृष्णपाल, लियाकत और मनोज को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
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