Bageshwar: पिंडारी ग्लेशियर के अंतिम गांव पहुंचे कमिश्नर, ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ ही पर्यटन पर मांगा सुझाव
बागेश्वर के कमिश्नर और डीएम ने पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र के अंतिम गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और पर्यटन को बढ़ावा देने संबंधी सुझाव भी लिया.

Uttarakhand News: बागेश्वर (Bageshwar) के कमिश्नर दीपक रावत और डीएम रीना जोशी चार दिवसीय दौरे के तहत रविवार को पिंडारी ग्लेशियर (Pindari Glacier) क्षेत्र के अंतिम गांव खाती (Khati Village) पहुंचीं. खाती पहुंचकर कमिश्नर और डीएम ने लोक निर्माण विभाग डाक बंगले में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र में पर्यटन की सुविधा बढ़ाने का सुझाव मांगा.
पिंडारी ट्रैक रूट की मरम्मत करने की मांग
कमिश्नर ने पीएमजीएसवाई के एग्जक्यूटिव इंजीनियर को खाती गांव तक निर्माणाधीन सड़क को जल्द पूरा करने और सड़क निर्माण का मलबा लोगों के खेतों से हटाने के निर्देश दिए. क्षेत्रवासियों ने कमिश्नर और डीएम को अपनी समस्याएं बताईं. उन्होंने कहा कि खाती से पिंडारी तक का मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पैदल मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त है जिसमें स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए पिंडारी ट्रैक रूट का शीघ्र मरम्मत किया जाए.
स्थानीय लोगों कहा कि हर साल बारिश और बर्फ से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो जाता है. इस पैदल पिण्डारी मार्ग का पर्यटन सीजन से बारिश से पहले मरम्मत कराने की मांग की. उन्होंने ही खाती-पिंडारी रूट पर सुचारू संचार व्यवस्था, खाती पिंडारी मार्ग पर पेयजल औऱ शौचालय की व्यवस्था, सुन्दरढुंगा ट्रैक रूट की मरम्मत और नए ट्रैक रूट विकसित किए जाने की मांग की.
ग्राम प्रधान ने टीम को सुनाई ग्रामीणों की समस्या
खाती के ग्राम प्रधान कैलाश सिंह दानू ने टीम को बताया कि गांव में पैदल रास्ता खराब होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों परेशानी होती है. उन्होंने सड़क की मरम्मत के अलावा पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की. कमिश्नर ने एग्जिक्यूटिव इंजीनियर को तुरंत पेयजल लाइन मरम्मत करने के निर्देश दिए. उधर, कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि पिंडारी और सुन्दरढूंगा जाने वाले पर्यटक ग्लेशियर में गंदगी न फैलाएं, जो भी सामान ले जाते हैं, उसे वापस अपने साथ ले आएं. कमिश्नर ने पिंडारी ग्लेशियर और खाती वॉकी-टॉकी संचार व्यवस्था की भी जांच की.
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