'मुसलमान होने की सजा मिली', रामपुर जेल से रिहा होने पर आजम खान का पहला बयान
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान शनिवार को रामपुर जेल से रिहा हुए. हालांकि रिहाई के तुरंत बाद ही ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.

रामपुर जेल से रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूँ? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है. क्या मुसलमान होने की यही सजा है?
उन्होंने आगे कहा कि हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई. यही हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए. क्या यही हमारा गुनाह है?"
Rampur, Uttar Pradesh: After being released from Rampur jail, Samajwadi Party leader Azam Khan says, "What is there left to say? What can I say? The law has ceased to exist. This is the punishment for being a Muslim? Our mistake was that a university was built by a Muslim. That is our crime. We built schools for children. Is that our crime?"
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
ईडी की टीम ने आजम खान को हिरासत में लिया
हालांकि सपा नेता आजम खान को ईडी की टीम ने रामपुर जेल के बाहर हिरासत में लिया. ईडी की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ वहां पहुंची थी. इससे पहले ED ने 28 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यूपी के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था. ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपए है. यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान और अन्य लोगों से जुड़े मामले में की गई.
29 अक्टूबर को इलाहाबाद HC से मिली थी आजम खान को जमानत
बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को (29 अक्टूबर) को जमानत दी थी. जस्टिस समित गोपाल ने रामपुर की अदालत के निर्णय के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर यह आदेश पारित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे की सजा भी निलंबित कर दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
पिछले साल नवंबर में रामपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आजम खान और उनके बेटे को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश का दोषी पाया था. इस फैसले को आजम खान और उनके बेटे ने चैलेंज करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.






















