अलीगढ़: क्रिकेटर रिंकू सिंह ने दी पिता को अंतिम विदाई, पूर्व कोच बोले- पिता के त्याग और संघर्ष...
Rinku Singh Father News in Hindi: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी रिंकू सिंह ने पिता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी है. क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे.

आईसीसी टी20 विश्व कप के रोमांचक मुकाबलों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के परिवार से आई एक दुखद खबर ने खेल जगत को भावुक कर दिया. रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका इलाज ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में चल रहा था. रिंकू सिंह ने पिता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी है.
इस बीच रिंकू सिंह के पूर्व कोच ने कहा कि खानचंद सिंह ने हमेशा अपने बेटे के सपनों को प्राथमिकता दी. उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद रिंकू को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया और हर परिस्थिति में उसका मनोबल बढ़ाया. कोच ने आगे कहा कि आज रिंकू जिस मुकाम पर है, उसमें उसके पिता के त्याग और संघर्ष की बड़ी भूमिका रही है. उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है.
कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे रिंकू के पिता
गुरुवार (27 फरवरी) की सुबह रिंकू सिंह के पिता ने अंतिम सांस ली. इसके बाद परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई. बताया जाता है कि खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. परिवार के सदस्यों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत लगातार गिरती जा रही थी.
डॉक्टरों की टीम ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन बीमारी ने आखिरकार उन्हें हमसे छीन लिया. जैसे ही यह खबर सामने आई, अलीगढ़ सहित पूरे प्रदेश में उनके परिचितों और रिंकू के प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया.
पिता के निधन की खबर मिलते ही आए अलीगढ़
दूसरी तरफ रिंकू सिंह इन दिनों राष्ट्रीय टीम के साथ टी20 विश्व कप अभियान में व्यस्त थे. हाल ही में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की थी. टीम की इस सफलता के बीच जब रिंकू को पिता के निधन की सूचना मिली तो माहौल अचानक बदल गया. क्रिकेट के मैदान पर संयम और आत्मविश्वास से खेलने वाले इस युवा बल्लेबाज के लिए यह पल बेहद कठिन था.
सूत्रों के मुताबिक सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टीम प्रबंधन से अनुमति लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हुए. अपने गृह नगर पहुंचते ही उन्होंने सीधे परिवार के पास जाकर पिता को अंतिम श्रद्धांजलि दी. अंतिम दर्शन के दौरान उनका भावुक चेहरा देखकर वहां मौजूद लोग भी अपनी आंखें नम होने से नहीं रोक सके.
धार्मिक रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
अलीगढ़ में खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया गया. शव यात्रा जब उनके निवास स्थान से मोक्ष धाम की ओर बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े. स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और खेल प्रेमी भी इस यात्रा में शामिल हुए. क्षेत्र के सांसद और विधायक के अलावा कई गणमान्य नागरिकों ने परिवार को ढांढस बंधाया.
ओजोन सिटी के मालिक ने जताया दुख
ओजोन सिटी के मालिक प्रवीण मंगला ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे अलीगढ़ की क्षति है. उन्होंने बताया कि खानचंद सिंह बेहद सरल और मिलनसार व्यक्ति थे. अपने बेटे की उपलब्धियों पर उन्हें गर्व था, लेकिन उन्होंने कभी दिखावा नहीं किया.
उन्होंने आगे कहा कि रिंकू सिंह की जीवन यात्रा संघर्षों से भरी रही है. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है. बचपन में आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने क्रिकेट का अभ्यास जारी रखा.
प्रवीण ने बताया कि उनके पिता ने परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी बेटे के खेल को महत्व दिया. कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन पिता-पुत्र ने हिम्मत नहीं हारी.
स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी रिंकू अलीगढ़ लौटते थे, तो अपने पिता के साथ समय बिताना नहीं भूलते थे. मोहल्ले के लोग बताते हैं कि खानचंद सिंह अपने बेटे की हर उपलब्धि पर बेहद खुश होते थे और पड़ोसियों के साथ गर्व से चर्चा करते थे. आज वही मोहल्ला शोक में डूबा हुआ है.
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Source: IOCL























