UP: उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी को घेरा, लगाया गंभीर आरोप
Akhilesh Yadav News: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्तार अंसारी की छोटे बेटे को गिरफ़्तार किए जाने पर यूपी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ये लोग झूठे मुकदमे लगाते हैं.

माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे और सपा सांसद अफजाल अंसारी के भतीजे उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर यूपी की सियासत गर्मा गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उमर को गिरफ़्तार किए जाने पर बीजेपी और सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है.
फर्जी दस्तावेज मामले में उमर अंसारी की गिरफ्तारी को अखिलेश यादव ने गलत बताया और कहा कि झूठा मुकदमा लगाया है. सपा अध्यक्ष ने कहा उमर अंसारी को जेल इसलिए भेजा गया क्योंकि भारती जनता पार्टी के पास दिखाने कि लिए कुछ नहीं है. कोई काम बताने के लिए नहीं है. किसी पर झूठा मुकदमा लगाते हैं और बहस को बदलना चाहते हैं.
फर्जी दस्तावेज मामले में हुई है गिरफ्तारी
दरअसल मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को रविवार की रात लखनऊ में उसके बड़े भाई और पूर्व विधायक अब्बास अंसारी के सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया था. उमर पर कोर्ट में फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप है. जिसके बाद मोहम्मदाबाद थाने में उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है.
उमर पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त की गई अपने परिवार की संपत्तियों को छुड़ाने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की और अपना दावा सही साबित करने के लिये जाली दस्तावेज अदालत में पेश किए.
उन दस्तावेजों पर कथित तौर पर उमर की मां अफशां अंसारी के जाली हस्ताक्षर हैं. जबकि वो फरार चल रही है.
कोर्ट ने 14 दिन की हिरासत में भेजा
सोमवार को उमर को इस मामले में मोहम्मदाबाद की दीवानी अदालत में भी पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उमर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाज़ीपुर की जेल में रखा गया है.
बता दें कि अंसारी परिवार की अखिलेश यादव के साथ करीबी है. उमर के ताऊ अफजाल अंसारी सपा सांसद हैं. साल 2022 के चुनाव में अखिलेश यादव के कहने पर ही सुभासपा ने मुख्तार के बड़े बेटे अब्बास अंसारी को मऊ सीट टिकट दिया था, जिसके बाद अब्बास ने जीत हासिल की. हालांकि कुछ महीने पहले ही एक मामले में सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई है.
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