UP Election 2022: आजमगढ़ की दीदारगंज सीट पर दिलचस्प मुकाबला, सियासी समीकरण ने बढ़ाई सपा की मुश्किल
UP Election: आजमगढ़ की दीदारगंज विधानसभा सीट पर चुनाव मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. सपा ने यहां से बीएसपी के कद्दावर नेता के बेटे को टिकट दे दिया है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.

Didarganj Assembly Seat: आजमगढ़ (Azamgarh) की दीदारगंज सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इस सीट पर अब तक दो बार चुनाव हो चुका है. वैसे तो इस सीट पर सपा-बसपा के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार इस सीट पर चुनावी घमासान काफी दिलचस्प हो गया है और उसकी वजह है अखिलेश यादव (Akhliesh Yadav) का एक कदम और यहां का सियासी समीकरण. सपा ने इस सीट पर कमलाकांत राजभर (Kamalakant Rajbhar) को मैदान में उतारा है लेकिन उलेमा काउंसिल ने इस सीट पर हुजैफा आमिर को उतार दिया है. मुस्लिम कैंडिडेट की एंट्री से यहां का मुकाबला बेहद मुश्किल नजर आ रहा है.
दीदारगंज विधानसभा का इतिहास
2007 तक दीदारगंज सीट का ज्यादातर हिस्सा सरायमीर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में आता था. लेकिन परिसीमन के दौरान इस सीट का गठन हुआ और 2012 में पहली बार यहां विधानसभा चुनाव हुआ. इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के आदिल शेख विधायक चुने गए. 2017 में समाजवादी पार्टी ने फिर से आदिल शेख को अपना प्रत्याशी बनाया लेकिन बसपा के कद्दावर नेता सुखदेव राजभर ने उन्हें हरा दिया. 2017 में सुखदेव राजभर यहां से विधायक चुने गए लेकिन धीरे-धीरे उनकी दूरी बसपा से होने लगी और वो अखिलेश यादव के करीब आ गए पर उन्होंने समाजवादी पार्टी नहीं ज्वाइन की. इसी बीच उनकी तबियत खराब रहने लगी. उन्होंने अपनी बीमारी के दौरान अखिलेश यादव को एक मार्मिक पत्र लिखा और कहा कि वो अपने पुत्र कमलाकांत राजभर को उनके हवाले कर रहे हैं.
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