'चंद पैसों और वजीफे के लालच में मुखबिरी...', महिला आरक्षण के बाद BJP पर अखिलेश यादव का हमला
UP News: सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं, न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी पर लगातार तीखे हमले बोल रहे हैं. महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद वे लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं. एक बार फिर उन्होंने सरकार और बीजेपी को आड़े हाथों ले लिया है. अखिलेश यादव ने कहा कि इन नकारात्मक लोगों ने आजादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनाने वालों की ग़ुलामी की. स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ चंद पैसों और वजीफे के लालच में मुखबिरी का तुच्छ काम किया.
अखिलेश यादव ने एक पोस्ट में लिखा कि बीजेपी और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब बीजेपी की करतूतों के खिलाफ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा. उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है. वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं.
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न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने लिखा कि इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं. न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं. देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है. भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति.
उन्होंने आगे लिखा कि भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है. बीजेपी ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए.
'आस्तीन का सांप भी खुद को डसकर आत्महत्या कर लेता'
सपा चीफ ने लिखा कि ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का सांप भी खुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है. दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है. पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है.
उन्होंने कहा कि आज बीजेपी ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि बीजेपी में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है. अब वो किस मुंह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे. पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही बीजेपी में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
बीजेपी पर बोला तीखा हमला
उन्होंने आगे कहा कि अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी. बीजेपी की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए खत्म कर दे.
सपा चीफ ने कहा कि बीजेपी का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहां ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही खत्म कर देंगे. सच तो ये है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है, इन जैसे अवांक्षित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा.
उन्होंने अंत में कहा कि देखना ये है कि ये दग़ाबाज देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज्यादा विकल्प नहीं होते हैं. सपा चीफ की ये प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
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