24 घंटे से लापता मासूम की हत्या, आटे के डिब्बे में छिपाकर रखा था शव, आरोपी किराएदार फरार
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें बच्ची अकेले जाती हुई दिखाई दी. इसके बाद कॉलोनी के हर घर में तलाशी ली गई

उत्तर प्रदेश स्थित आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में 8 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हुई बच्ची का शव 24 घंटे बाद उसी मकान में रहने वाले एक किराएदार के कमरे से बरामद हुआ. शव को आटे के कनस्तर में छिपाकर रखा गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
घटना सिद्धार्थनगर इलाके की है. परिजनों के मुताबिक बच्ची मंगलवार को घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक लापता हो गई. परिवार के लोगों ने आसपास काफी तलाश की और पड़ोसियों से पूछताछ भी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की गई.
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें बच्ची अकेले जाती हुई दिखाई दी. इसके बाद कॉलोनी के हर घर में तलाशी ली गई और आसपास रहने वाले लोगों व रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन 24 घंटे तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका.
घर में कोहराम मचा
तलाशी के दौरान पुलिस को उसी मकान में रहने वाले एक किराएदार के कमरे पर ताला लगा मिला. शक होने पर पुलिस ने ताला तुड़वाकर कमरे की तलाशी ली. अंदर आटे के कनस्तर में बच्ची का शव मिला, जिसे ऊपर से आटा डालकर छिपाया गया था ताकि किसी को शक न हो. यह दृश्य देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और घर में कोहराम मच गया.
बताया जा रहा है कि आरोपी सुनील एक फैक्ट्री में काम करता था और करीब एक साल से उसी मकान में किराए पर रह रहा था. हैरानी की बात यह भी है कि बच्ची के लापता होने के बाद वह परिवार के साथ मिलकर उसे खोजने का नाटक करता रहा और पुलिस में शिकायत कराने के लिए थाने भी गया था. शव बरामद होने के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
मृतक बच्ची की चाची ने आरोप लगाया कि उनकी बच्ची के साथ बेहद क्रूरता की गई है और आरोपी को भी वैसी ही सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शुरुआत से ही गंभीरता दिखाई जाती तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था.
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच के लिए 10 टीमों का गठन किया गया था. उन्होंने कहा कि बच्ची के टुकड़े किए जाने की बात भ्रामक है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं.
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Source: IOCL




























