Udaipur: रणथंभौर में 3 लोगों की जान लेने वाले 'खूंखार' बाघ T-104 को लाया जा रहा उदयपुर, 'संगिनी' से होगा मेल!
Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर बायोलॉजिकल पार्क में इस वक्त टी-104 नस्ल के बाघ को लाने की तैयारी चल रही है. इस उग्र स्वभाव वाले बाघ के लिए खास तैयारी की जा रही है.

Udaipur News: रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) में तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाले टी-104 को उदयपुर (Udaipur) लाया जा रहा है. सुबह रणथंभौर से वन विभाग (Forest Department) की टीम टी-104 (T-104) को लेकर निकल चुकी है जो शाम को उदयपुर के बायलोजिकल पार्क (Biological Park) में रखा जाएगा. इससे पहले रणथंभौर से उस्ताद टी-24 को लाया गया था. टी-24 ने 4 लोगों को मौत के घाट उतारा था फिर उसे बायलोजिकल पार्क में रखा गया था. उस्ताद की मौत हो चुकी है.
बताया जा रहा है कि जिस एनक्लोजर में उस्ताद रहता था वहां अब टी-104 को रखा जाएगा. उदयपुर वन विभाग की तरफ से भी उसके आने को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. टी-104 को ब्लू आई के नाम से जाना जाता है. टी-104 ने 8 माह के अंदर रणथंभौर क्षेत्र में 3 लोगों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद टी-104 रणथंभौर की तालडा रेंज के भिड़ नाका स्थित एनक्लोजर में रह रहा था. रिजर्व से उसकी साढ़े तीन साल बाद विदाई हो रही है. सुबह एनक्लोजर में टीम पहुंची. इसके बाद चिकित्सकों ने बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया. फिर सुबह करीब 8 बजे बाघ को सड़क मार्ग से उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयोलोजिकल पार्क के लिए रवाना किया गया.
विद्या बनेगी टी-104 की संगिनी
टी-104 के स्वभाव के अध्ययन के लिए गठित की गई कमेटी ने बाघ के स्वभाव को उग्र मानते हुए मानव के खतरा बताया था और बाघ को फिर से खुले जंगल में छोड़ने से इंकार कर दिया था. इसके बाद से ही बाघ भिड़ नाके के एनक्लोजर में कैद था. उदयपुर के बायलोजिकल पार्क में पहले से टाइग्रेस विद्या मौजूद है. विभाग का कहना है कि टाइगर-104 को यहां लाकर टाइग्रेस विद्या से मीटिंग कराई जाए ताकि बाघों का कुनबा बढ़े. इससे पहले टी-24 उस्ताद यहां रहा था लेकिन बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई. उसे रणथंभौर से वर्ष 2015 में लाया गया था.
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Source: IOCL






















