एक्सप्लोरर

सिरोही: 800 हेक्टेयर खनन परियोजना पर पांच महीने से आंदोलन, राजाखेड़ा विधायक ने सदन में उठाए सवाल

Sirohi News In Hindi: सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के चार ग्राम पंचायतों के करीब एक दर्जन गांवों में ग्रामीण धरना, प्रदर्शन और घेराव के माध्यम से जल, जंगल और जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं.

राजस्थान के सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के चार ग्राम पंचायत—वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा के करीब एक दर्जन गांवों में प्रस्तावित चुना पत्थर खनन परियोजना को लेकर विरोध तेज हो गया है. कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 800.9935 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की तैयारी के विरोध में ग्रामीण पिछले करीब पांच माह से आंदोलनरत हैं. धरना, प्रदर्शन और घेराव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण जल, जंगल और जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यह खनन परियोजना शुरू होती है तो आदिवासी किसान, पशुपालक और गरीब परिवार सीधे प्रभावित होंगे. क्षेत्र की उपजाऊ जमीन बंजर हो सकती है, पशुपालन पर संकट आएगा और पर्यावरण प्रदूषण से बीमारियों का खतरा भी बढ़ेगा. ग्रामीणों का कहना है कि इससे पलायन की स्थिति भी बन सकती है.

बजट सत्र में स्थानीय मुद्दा ना उठाने पर ग्रामीणों में आक्रोश

इस समय राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और विभिन्न क्षेत्रों के विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं सदन में उठा रहे हैं. ऐसे में सिरोही जिले की जनता को भी उम्मीद थी कि उनके जनप्रतिनिधि इस खनन परियोजना के विरोध में आवाज उठाएंगे. रेवदर-आबूरोड से कांग्रेस विधायक मोतीराम  कोली, आबू-पिण्डवाड़ा से बीजेपी विधायक समाराम गरासिया और सिरोही बीजेपी विधायक एवं राज्य मंत्री ओटाराम देवासी तीनों पर ग्रामीणों की नजर थी, लेकिन अब तक सदन में इस मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा सामने नहीं आई.

इससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार जनहितैषी होती तो आदिवासी और किसानों की भावनाओं को समझते हुए परियोजना पर पुनर्विचार करती. स्थानीय विधायकों की चुप्पी उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रही है.

राजाखेड़ा विधायक के यह मामला उठाने से राजनीतिक हलकों में हलचल

इसी बीच धौलपुर जिले के राजाखेड़ा से कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी. बोहरा ने सदन में कहा कि सिरोही जिले में आदिवासियों की जमीन बिना ग्राम सभा की सहमति के खनन कंपनी को कैसे दे दी गई.

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार स्वयं कह रही है कि अरावली क्षेत्र में खनन नहीं होगा, तो फिर कमलेश मेटाकास्ट की प्रस्तावित परियोजना अरावली क्षेत्र में कैसे आ रही है. बोहरा ने आरोप लगाया कि चार ग्राम पंचायत क्षेत्र में पीएल (प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस) जारी करने से पहले स्थानीय आदिवासियों से न तो सहमति ली गई और न ही ग्राम सभा आयोजित की गई.

बिना ग्राम सभा की सहमति कैसे जारी हुआ पीएल लाइसेंस?

बोहरा ने सदन में कहा कि आदिवासी भूमि को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए थी. उन्होंने प्रश्न किया कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के पीएल लाइसेंस जारी करना किस नियम के तहत संभव हुआ. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं न कहीं इस प्रक्रिया में लेन-देन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

बोहरा ने कहा कि यदि सरकार अरावली क्षेत्र को संरक्षित मानती है तो फिर उस क्षेत्र के किसी भी हिस्से में खनन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने वन मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अरावली का एक भाग खनन के लिए प्रतिबंधित है, तो उसी क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना को अनुमति कैसे दी जा रही है.

जब तक परियोजना निरस्त नहीं, आंदोलन जारी रहेगा

प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक परियोजना निरस्त नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. उनका कहना है कि जल, जंगल और जमीन उनकी आजीविका का आधार है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा. स्थानीय विधायकों की चुप्पी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा. फिलहाल पूरे जिले की नजर विधानसभा की कार्यवाही और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

वसुंधरा राजे के 'दोस्ती-दुश्मनी' वाले बयान पर डोटासरा बोले- BJP में अंदरूनी कलह
वसुंधरा राजे के 'दोस्ती-दुश्मनी' वाले बयान पर डोटासरा बोले- BJP में अंदरूनी कलह
Dungarpur News : सरकारी स्कूल की जर्जर छत का प्लास्टर गिरा, 23 बच्चे बाल-बाल बचे, 2 शिक्षक घायल
डूंगरपुर: सरकारी स्कूल की जर्जर छत का प्लास्टर गिरा, 23 बच्चे बाल-बाल बचे, 2 शिक्षक घायल
राजस्थान निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 20 जुलाई तक मांगा जवाब
राजस्थान निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 20 जुलाई तक मांगा जवाब
सोनम वांगचुक का जिक्र कर सचिन पायलट बोले, 'राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि...'
सोनम वांगचुक का जिक्र कर सचिन पायलट बोले, 'राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि...'

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में रिपीट हुई योगी सरकार तो OP राजभर बनेंगे डिप्टी सीएम? खुद बोले- 'इच्छा होती है कि...'
यूपी में रिपीट हुई योगी सरकार तो OP राजभर बनेंगे डिप्टी सीएम? खुद बोले- 'इच्छा होती है कि...'
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
Rohit Sharma: 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट, शतकों के मामले में भी नंबर 1, विश्वकप में शानदार रिकॉर्ड वाले रोहित शर्मा क्या सच में अब नहीं खेलेंगे
100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट, शतकों के मामले में भी नंबर 1, विश्वकप में शानदार रिकॉर्ड वाले रोहित शर्मा क्या सच में अब नहीं खेलेंगे
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
Delhi Weather Today: बारिश के साथ हुई दिन की शुरुआत, दो दिन में गिरेगा तापमान, गर्मी से राहत मिलने के आसार
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ हुई दिन की शुरुआत, दो दिन में गिरेगा तापमान, गर्मी से राहत मिलने के आसार
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
Embed widget