Rajasthan Samajwadi Party: राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले सपा का बड़ा कदम, प्रदेश कार्यकारिणी को किया भंग
Samajwadi Party Rajasthan Dissolves State Executive: समाजवादी पार्टी ने राजस्थान में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है.

Rajasthan Samajwadi Party News: समाजवादी पार्टी ने राजस्थान में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह जानकारी दी है. बता दें कि राजस्थान में अब विधानसभा चुनावों को कुछ ही समय बचा है. माना जा रहा है कि पार्टी चुनावों को देखते हुए प्रदेश कार्यकारिणी का नए सिरे से गठन कर सकती है. इस कार्यकारिणी में कुछ नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है.
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) April 9, 2023
पिछले महीने राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में शामिल हुए थे अखिलेश
बता दें कि पिछले महीने अखिलेश यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिये कोलकाता दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की थी. उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा था कि इस तरह की कवायद ही दिखा सकती है कि केंद्र में बीजेपी ने गरीबों और दलितों के लिए कितना कुछ किया है.
हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर बीजेपी पर साधा था निशाना
उन्होंने हिंडनबर्ग कंपनी द्वारा अडानी समूह के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों पर भी बीजेपी पर निशाना साधा था. कोलकाता में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में उन्होंने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा था, 'जाति जनगणना इस समय भारत के लिए सबसे जरूरी विषय है. 2014 के चुनावों में बीजेपी ने अच्छे दिन आएंगे का नारा दिया था. यह बाद में सबका साथ सबका विकास नारे में बदल गया. केवल जाति जनगणना बता सकती है कि बीजेपी ने गरीबों और दलितों के लिये क्या किया है.'
'जाति जनगणना देश का सबसे बड़ा मुद्दा'
उन्होंने कहा था कि भारत की सभी पार्टियां यह चाहती हैं. यह सीधे तौर पर अधिकारियों के लिए लड़ रहे लोगों से जुड़ा मुद्दा है. इसके बिना सामाजिक न्याय प्रदान करना असंभव है. अगर प्राथमिकताएं तय नहीं की गईं तो बी आर अंबेडकर के सपने कभी पूरे नहीं होंगे. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तो नेताजी (मुलायम सिंह यादव), शरद यादव, लालू प्रसाद यादव और दक्षिण भारत के राज्यों के नेताओं ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और जाति जनगणना की मांग रखी थी. पी चिदंबरम ने इसका भरोसा दिलाया था लेकिन बाद में कांग्रेस इससे मुकर गई.
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Source: IOCL























