Rajasthan News: सिरोही में रतनजोत के बीज खाने से पांच मासूम हुए बीमार, उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
Rajasthan: सिरोही के एक गांव में 5 बच्चों ने बिना जाने रतनजोत के जहरीले बीज खा लिए जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. शिकायत के बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका इलाज किया गया.

Sirohi News: राजस्थान के एक गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुछ बच्चे बिना जाने समझे रतनजोत के बीज खाकर बीमार हो गए. यह घटना राजस्थान के सिरोही जिले के मोरस गांव की है. सोमवार (3 फरवरी) की शाम दो आदिवासी परिवारों के कुछ बच्चे जंगल में खेल रहे थे. वहां उन्हें रतनजोत के बीज मिले.
इन बीजों को उन्होंने बिना जाने समझे खा लिया. कुछ समय बाद बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. शिकायत होने पर परिजन तुरंत उन्हें पिंडवाड़ा के राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया. अचानक हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है.
रतनजोत के बीज खाने से हुए बीमार बच्चों की पहचान कर ली गई है. इनमें सोनाराम की बेटियां 6 साल की पूजा, 9 साल की नीतू और 7 साल की संध्या शामिल हैं. वहीं, राजू की तीन साल की बेटी जया कुमारी और 5 साल का बेटा आसाराम भी प्रभावित हुए हैं. सभी बच्चों के गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सिरोही जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है.
बच्चों की हालत में सुधार
सिरोही ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तत्काल इलाज शुरू किया. डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी गई. गनीमत रही कि समय पर इलाज मिलने से बच्चों की तबीयत में सुधार आया है. मंगलवार (4 फरवरी 2025) दोपहर तक सभी बच्चे ठीक हो गए हैं, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है. बच्चों के स्वस्थ होने पर परिजनों ने भी राहत की सांस ली है.
क्या होता है रतनजोत?
बता दें कि रतनजोत एक पौधा है जो खेतों के आसपास और सूखे इलाकों में आसानी से उग जाता है. इसके बीज दिखने में फलों जैसे होते हैं और खाने में भी स्वादिष्ट लगते हैं, जिससे बच्चे गलती से इन्हें खा लेते हैं. इसे वन-रेड के नाम से भी जाना जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम जेट्रोफा करकस है. ये एंटी-बैक्टीरियल होता है.
तुषार पुरोहित की रिपोर्ट.
Rajasthan: 11-11 वर्ष की जेल और 2-2 लाख का जुर्माना, डोडा पोस्त तस्करी मामले में कोर्ट का फैसला
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















