Jalore: बारिश और सीवरेज से सुन्देलाव तालाब ओवरफ्लो, घरों में घुसा गंदा पानी
Rajasthan News: राजस्थान के जालोर में हल्की बारिश और सीवरेज पानी से सुंदेलाव तालाब ओवरफ्लो हो गया. कॉलोनियों में जलभराव हुआ. मछलियां घरों तक पहुंचीं और बदबू फैल गई. लोग सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे.

राजस्थान के जालोर में 2 दिन पहले हुई हल्की बारिश और सीवरेज के गंदे पानी से सुन्देलाव तालाब हो गया ओवरफ्लो. आसपास की कॉलोनी में पहुंचा तालाब का ओवरफ्लो गंदा पानी, आसपास की कॉलोनी के रास्ते और मकान तक पानी के जलभराव की वजह से जल जीवन प्रभावित हुआ. लोगों ने प्रदर्शन कर स्थायी समाधान की मांग की.
घरों के पास गंदे पानी से दुर्गंध के कारण लोग परेशान हैं और आवाजाही करने में भारी परेशानी हो रही है. प्रदेशभर के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है. वहीं, जालोर जिले के जिला मुख्यालय पर गुरुवार को हुई जोरदार बरसात के कारण जालोर का सुंदेलाव तालाब ओवरफ्लो हो गया.
जलभराव के कारण आवाजाही ठप हो गई
सुंदेलाव तालाब का पानी आसपास की कॉलोनियों में आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए. जलभराव के कारण आवाजाही ठप हो गई. स्कूली बच्चे भी घरों से बाहर नहीं निकल सके. बारिश का पानी खेतों से होकर आईटीआई, श्रीकृष्णा कॉलोनी, ज्योतिबा फुले नगर, महादेव नगर और रामदेवजी मंदिर के पीछे की कॉलोनियों में घुस गया.
नाराज लोगों ने प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया. दरअसल, जिले में मानसून सक्रिय है. शुक्रवार और शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई, जब इन इलाकों में पानी का स्तर 4 से 5 फीट तक पहुंच गया.
गंदे पानी के साथ मरी मछलियां घरों तक पहुंचीं
कॉलोनीवासियों को मकान गिरने का डर सता रहा है, वहीं कुछ इलाकों में घरों के चारों ओर लगातार पानी भरे रहने से लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं. तालाब के गंदे पानी के साथ मरी मछलियां घरों तक पहुंचीं, जिससे बदबू से हाल बेहाल हो गया.
स्थानीय निवासी कमलेश ने बताया कि तालाब में गंदे सीवरेज के पानी की मिलावट से मछलियां मर रही हैं, जो बहकर लोगों के घरों तक पहुंच रही हैं. मृत मछलियों और बदबूदार पानी से हालात और बदतर हो गए हैं. कई लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद पर महज दिखावटी कार्रवाई करने का आरोप लगाया.
मकान के गिरने का खतरा बढ़ गया
ज्योतिबा फुले नगर की निवासी मीना देवी ने बताया कि कॉलोनियों में पानी घरों की नींव तक भर गया है, जिससे मकान के गिरने का खतरा बढ़ गया है. गटर भी भर चुके हैं, और घरों में बने पानी के टैंकों में भी सीवरेज का पानी रिसकर घुस रहा है, जिससे लोग पीने का साफ पानी बाहर से मंगाने को मजबूर हैं.
कॉलोनी निवासी छोगाराम माली ने बताया कि पानी भरने से उनके पोते डरकर स्कूल नहीं जा पाए. आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. लोगों का कहना है कि यह समस्या 2020 से लगातार बनी हुई है, जब बिपरजॉय तूफान के कारण जालोर की सीवरेज व्यवस्था जाम हो गई थी.
5 सालों में एक बार भी तालाब की सही सफाई नहीं की गई
कॉलोनी निवासी छोगाराम माली ने बताया कि तब से तालाब में सीवरेज का गंदा पानी पहुंच रहा है और यह लगातार भरा हुआ है. 5 सालों में एक बार भी तालाब की सही सफाई नहीं की गई है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मकानों की नींव कमजोर हो चुकी है और तालाब का पानी हर साल घरों में पहुंच रहा है, जिससे रातभर लोग सीढ़ियों या बरामदों में बैठे रहते हैं. स्कूली बच्चे बरसाती पानी और सुंदेलाव तालाब के पानी से गुजरते हुए घरों तक पहुंचते हैं.
लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद, जिला प्रशासन और यहां तक कि विधायक जोगेश्वर गर्ग को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. शुक्रवार को लोगों ने आईटीआई के पास मुख्य बाईपास रोड को जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था.
Source: IOCL





















