कोटा स्टूडेंट सुसाइड के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब राजस्थान सरकार बोली- 'यह सामाजिक चेतावनी'
Kota Suicide News: कोटा में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं पर SC की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है. डिप्टी CM प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग संस्थानों और अभिभावकों से सहयोग की अपील की.

Kota Suicide News: कोटा में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राजस्थान सरकार हरकत में आ गई है. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा (Prem Chand Bairwa) ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है.
उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत गंभीर मुद्दा है और हमारी सरकार इसे लेकर पूरी तरह से संजीदा है. कोटा जैसे शिक्षा केंद्र में छात्रों की आत्महत्या केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है.”
कोटा के छात्रों का किया जाएगा मार्गदर्शन- बैरवा
बैरवा ने कहा कि सरकार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं बना रही है, जिनमें काउंसलिंग की सुविधा, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और पढ़ाई के बोझ को संतुलित करने के उपाय शामिल हैं. उन्होंने यह भी कहा कि “हमने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कोटा में मौजूद सभी कोचिंग संस्थानों से बातचीत की जाए और उन्हें जिम्मेदारी से छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कहा जाए. बच्चों को सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक जीवन के लिए तैयार किया जाना चाहिए.”
बच्चों को सिर्फ अंको की दौड़ में न धकेलें- बैरवा
राज्य सरकार ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें. बैरवा ने कहा, “मैं माता-पिता से भी आग्रह करता हूं कि वे अपने बच्चों को सिर्फ अंकों की दौड़ में न धकेलें. हर बच्चे की अपनी क्षमताएं होती हैं, और उन्हें समझना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.” उन्होंने बताया कि सरकार स्कूल और कोचिंग स्तर पर जागरूकता अभियान भी शुरू करने की योजना बना रही है जिससे छात्रों को तनावमुक्त माहौल मिले.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति को केवल एक प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दा मानकर सभी को मिलकर समाधान निकालना होगा. “हम सभी से सहयोग की अपील करते हैं. कोचिंग सेंटर, माता-पिता, शिक्षक और समाज- सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी छात्र तनाव के कारण अपनी जान न दे,” उन्होंने कहा. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की प्रतिबद्धता और सामाजिक सहयोग से इस गंभीर समस्या का समाधान निकाला जा सकेगा.
Source: IOCL






















