Rajasthan Election 2023: राजस्थान की ऐसी विधानसभा सीट जहां हर चुनाव में विधायक और पार्टी बदल जाते हैं, इन दो दलों में होता है मुकाबला
Rajasthan Election 2023 News: करौली जिले की हिण्डौन विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र की जनता हर चुनाव में अपना विधायक और पार्टी बदल देती है.

Rajasthan Elections 2023: राजस्थान के करौली जिले की हिण्डौन विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र की जनता ने प्रत्येक चुनाव में अपना विधायक और पार्टी को बदला है. वर्ष 1972 से क्षेत्र की जनता ने दौबारा किसी को विधायक बनने का मौका नहीं दिया. जनता ने 1972 के बाद जब भी विधानसभा का चुनाव हुआ तो वहां के विधायक को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा.
कांग्रेस और जनसंघ की टक्कर
वर्ष 1972 के चुनाव में हिण्डौन विधानसभा सीट पर भारतीय जनसंघ के उम्मीदवार उम्मेदी लाल ने जीत दर्ज की थी. भारतीय जनसंघ के उम्मेदी लाल ने कांग्रेस के विधायक मनीराम को हराया था. उम्मेदी लाल कुल 14 हजार 842 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के मनीराम को कुल 11 हजार 970 वोट मिले थे. वर्ष 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी ने श्रवण लाल को अपना प्रत्याशी बनाया और श्रवण लाल चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे. श्रवण लाल ने कांग्रेस के प्रत्याशी उम्मेदी लाल को हराया था. जनता पार्टी के प्रत्याशी श्रवण लाल को कुल 18 हजार 401 वोट मिले थे. कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदी लाल को कुल 16 हजार 357 वोट मिले थे.
वर्ष 1980 के चुनाव में हिंडौन विधानसभा क्षेत्र की जनता ने अपना विधायक और पार्टी दोनों को बदल दिया. जनता पार्टी (सेक्युलर) के प्रत्याशी भोरासी पर हिण्डौन विधानसभा की जनता ने अपना विश्वास जताया और उन्हें जिताकर विधानसभा भेजा. भोरासी ने कांग्रेस पार्टी के परसराम को हराया था. भोरसी को कुल 23 हजार 533 वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी परसराम को कुल 22 हजार 427 वोट मिले थे.
कांग्रेस की उम्मीद उम्मेदी लाल
वर्ष 1985 के विधानसभा चुनाव में हिण्डौन विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने फिर उम्मेदी लाल को चुनाव मैदान में उतारा था. उम्मेदी लाल ने जीत दर्ज की और लोकदल के प्रत्याशी भरोसी लाल को हराया था. कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी उम्मेदी लाल को कुल 28 हजार 09 वोट मिले थे. तो दूसरे नंबर पर रहे लोकदल के प्रत्याशी भरोसी लाल को 19 हजार 342 वोट मिले थे.
वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव में हिंडौन विधानसभा सीट पर जनता दल ने भरोसी लाल को अपना उम्मीदवार बनाया. विधानसभा क्षेत्र की जनता ने भरोसी लाल को जिताकर विधायक बनाया. जनता दल के भरोसी ने कांग्रेस पार्टी के कालू राम को हराया था. भरोसी को कुल 39 हजार 451 वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी कालू राम को कुल 34 हजार 741 वोट मिले थे.वहीं 1993 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कमल को चुनाव मैदान में उतारा था. कमल ने जीत दर्ज की विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे. कमल ने निर्दलीय कालूराम को हराया था. कमल को कुल 23 हजार 133 वोट मिले थे. कालूराम को कुल 21 हजार 830 वोट मिले थे.
1998 में जनता ने भरोसी लाल पर जताया भरोसा
वहीं 1998 के विधानसभा के चुनाव में हिंडौन विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने भरोसी लाल को टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया था. भरोसी लाल की जीत हुई. उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी कालूराम को हराया था. वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में भरोसी लाल को कुल 33 हजार 27 वोट मिले थे. कालूराम को कुल 26 हजार 218 वोट मिले थे.
वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में हिंडौन विधानसभा सीट पर इंडियन नेशनल लोकदल के जीत की शुरुआत हुई. इनेलो ने उस चुनाव में कालूराम को टिकट दिया.कालूराम ने कांग्रेस के भरोसी लाल को हराया. कालूराम को कुल 47 हजार 847 वोट मिले थे. भरोसी लाल को कुल 43 हजार 213 वोट मिले थे.वहीं 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने फिर अपना प्रत्याशी भरोसी लाल को बनाया और भरोसी लाल ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस पार्टी के भरोसी लाल ने भारतीय जनता पार्टी की राजकुमारी को हराया था. भरोसी लाल को कुल 30 हजार 374 वोट मिले थे. राजकुमारी को कुल 28 हजार 519 वोट से ही संतोष करना पड़ा था.
2013 में राजकुमारी बनीं विधायक
वर्ष 2013 के चुनाव में दोनों पार्टियों कांग्रेस और भाजपा ने 2008 के प्रत्याशियों को ही अपना प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भरोसी लाल को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा तो भारतीय जनता पार्टी ने राजकुमारी को. इस चुनाव में राजकुमारी ने भरोसी लाल को मात दे दी थी. राजकुमारी को कुल 59 हजार 59 वोट मिले थे तो भरोसी लाल को कुल 50 हजार 948 वोट मिले थे.
वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने भरोसी लाल पर ही भरोसा जताया. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया. भारतीय जनता पार्टी ने मंजू खैरवाल को टिकट दिया. इस चुनाव में भरोसी लाल ने मंजू खैरवाल को हरा दिया. भरोसी लाल को कुल 1 लाख 4 हजार 694 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहीं मंजू खैरवाल को कुल 77 हजार 914 वोट मिले थे.
विधानसभा चुनाव में भरतपुर संभाग में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का फोकस भरतपुर संभाग पर ही है.अब देखने वाली बात होगी की 2023 के विधानसभा चुनाव में इस बार हिंडौन विधानसभा सीट पर जीत का सेहरा किस पार्टी के प्रत्याशी के सिर पर बंधेगा.
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Source: IOCL






















