Kota News: नीट री-एग्जाम के बीच फिर गुलजार हुआ कोटा, लौटे हजारों छात्र, कोचिंग, हॉस्टल बनीं ताकत
Kota News In Hindi: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के लीक होने के बाद कोटा में लवे स्टेशन, बस स्टैंड, हॉस्टल और लाइब्रेरियों में एक बार फिर मेडिकल अभ्यर्थियों की भीड़ नजर आ रही है.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट खत्म होने के बाद जो कोटा शहर कुछ दिनों पहले तक सूना पड़ गया था. वही शहर अब फिर से छात्रों की आवाजों से गुलजार होने लगा है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हॉस्टल और लाइब्रेरियों में एक बार फिर मेडिकल अभ्यर्थियों की भीड़ नजर आ रही है. लेकिन इस बार लौटे छात्रों के चेहरों पर सिर्फ उम्मीद नहीं, बल्कि दर्द, तनाव और संघर्ष की लंबी कहानी भी साफ दिखाई दे रही है.
कई छात्रों का कहना है कि पिछली परीक्षा में उनके 700 तक अंक आने की उम्मीद थी. रिजल्ट के सपने आंखों में थे. लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने सब कुछ हिला कर रख दिया. वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो इस री-एग्जाम को दूसरा मौका मान रहे हैं. छात्र मरियम का कहना है कि पहले जहां 500 से 600 नंबर आने की उम्मीद थी. अब वे और ज्यादा मेहनत कर 600 प्लस और 700 के आंकड़े तक पहुंचना चाहते हैं.
ट्रेन की टिकट ना मिलने पर बसों में दोबारा आना पड़ा कोटा
बिहार निवासी छात्र दिलीप की कहानी हजारों छात्रों के संघर्ष को बयां करती है. दिलीप बताते हैं कि परीक्षा खत्म होने के बाद वे घर लौट गए थे और तैयारी से जुड़े कई नोट्स तक बेच दिए थे. लेकिन जब दोबारा परीक्षा की स्थिति बनी तो मानो पैरों तले जमीन खिसक गई. ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिला तत्काल टिकट भी खत्म हो गए. ऐसे में अलग-अलग बसों से सफर करते हुए किसी तरह दोबारा कोटा पहुंचे.
कोटा पहुंचने के बाद एक और मुश्किल सामने आई. पहले छोड़ा हुआ कमरा अब ज्यादा किराए में मिल रहा था. मजबूरी में फिर से रूम लेना पड़ा और अब दोबारा नोट्स खरीदने में भी खर्च उठाना पड़ रहा है. सिर्फ छात्र ही नहीं, अभिभावक भी इस पूरे घटनाक्रम से टूटे नजर आ रहे हैं. मध्यप्रदेश निवासी हेमलता बताती हैं कि उनका बेटा पिछले दो साल से कोटा में तैयारी कर रहा था और उसका स्कोर भी काफी अच्छा था. लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद बच्चा पूरी तरह मानसिक तनाव में चला गया. ऐसे में वे खुद कोटा आ गईं ताकि बेटे का मनोबल बना रहे और वह फिर से तैयारी कर सके.
मुश्किल घड़ी में कोचिंग दे रहे फ्री रिवीजन और डाउट क्लासेस
इस मुश्किल दौर में कोटा के कोचिंग संस्थान भी छात्रों के साथ मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं. कई संस्थानों ने फ्री रिवीजन क्लासेस, डाउट सेशन और नोट्स की सुविधा शुरू कर दी है. सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि छात्रों की मेंटल हेल्थ और इमोशनल सपोर्ट पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है ताकि कोई छात्र तनाव या डिप्रेशन का शिकार न हो. सर्वम कोचिंग संस्थान के फाउंडर डायरेक्टर इंसाफ अली ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा के बाद अपने नोट्स बेच दिए थे. ऐसे में संस्थान स्तर पर नए नोट्स तैयार करवाकर बच्चों को दिए जा रहे हैं ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो.
वहीं हॉस्टल संचालक भी छात्रों के लिए राहत बनकर सामने आए हैं. हॉस्टल संचालक जुनैद अख्तर ने बताया कि जिन छात्रों ने परीक्षा के बाद कमरे खाली कर दिए थे. उनके वापस आने पर पुराने किराए पर ही रूम उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.
कई लाइब्रेरियां भी छोत्रों के लिए कर रही फीस में कटौती
इतना ही नहीं, शहर की कई लाइब्रेरियां भी छात्रों की मदद के लिए फीस में कटौती कर रही हैं. क्योंकि कोटा जानता है कि इस वक्त छात्रों को सिर्फ किताबों की नहीं, बल्कि भरोसे और सहारे की भी जरूरत है. सर्वम कोचिंग के फाउंडर डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि यह वक्त टूटने का नहीं, बल्कि खुद को और मजबूत बनाने का है. उन्होंने कहा कि छात्र अपना माइंडसेट पॉजिटिव रखें और पूरी तरह पढ़ाई पर फोकस करें.
नीट विवाद ने भले ही लाखों छात्रों के सपनों को झकझोर दिया हो, लेकिन कोटा में लौटती भीड़ यह बता रही है कि उम्मीद अभी जिंदा है. संघर्ष लंबा जरूर है, मगर मेडिकल कोट पहनने का सपना अब भी उतना ही मजबूत है. कोटा एक बार फिर हजारों सपनों को उड़ान देने के लिए तैयार खड़ा है.
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Source: IOCL

























