एक्सप्लोरर

आसमान से आफत, जमीन से दुआ; अजमेर शरीफ दरगाह में किश्तवाड़ आपदा के लिए हुई इबादत

Rajasthan News: किश्तवाड़ में बादल फटने से मारे गए लोगों को अजमेर शरीफ दरगाह में श्रद्धांजलि दी गई. खादिमों और जायरीनों ने फातिहा पढ़ी और लापता व घायल लोगों की सलामती की दुआ मांगी.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से हुई तबाही ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए और लगभग 250 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इस दुखद हादसे को लेकर पूरे देश में लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में भी खास दुआ की गई.

दरगाह में मांगी गई विशेष दुआ

ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर बड़ी संख्या में जायरीन और खादिम इकट्ठा हुए और इस हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए फातिहा पढ़ी गई. साथ ही घायल और लापता लोगों की सलामती की दुआ मांगी गई.

दरगाह के खादिम सैय्यद वसीम चिश्ती ने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह से हमेशा अमन, चैन और मुल्क की तरक्की की दुआ की जाती है. जब कहीं आपदा या मुसीबत आती है तो यहां खास तौर पर हाथ उठाकर दुआ की जाती है.

अजमेर से उठी उम्मीद की दुआ

दरगाह में मौजूद जायरीनों ने कहा कि यह इंसानी फर्ज है कि मुश्किल वक्त में एक-दूसरे के लिए दुआ की जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि लापता लोग जल्द ही सकुशल मिल जाएंगे और घायल लोग जल्दी सेहतमंद हो जाएंगे. अजमेर शरीफ से उठी यह दुआ पीड़ित परिवारों के लिए राहत और हिम्मत का सहारा बनी है.

किश्तवाड़ को लेकर पूरे देश ने जताया दुख

किश्तवाड़ में आसमान से बरपी आफत ने कई घरों को उजाड़ दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हैं. राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं. लेकिन हालात काफी मुश्किल बने हुए हैं. इस बीच देशभर से लोग पीड़ित परिवारों के लिए दुख और संवेदना जाहिर कर रहे हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

जयपुर: जर्जर मकान तोड़ते ही बिजली पोल पर गिरा मलबा, मची अफरा-तफरी
जयपुर: जर्जर मकान तोड़ते ही बिजली पोल पर गिरा मलबा, मची अफरा-तफरी
'क्या यही है नया भारत?', एक बार फिर लेट हुई फ्लाइट तो सरकार पर भड़के हनुमान बेनीवाल
'क्या यही है नया भारत?', एक बार फिर लेट हुई फ्लाइट तो सरकार पर भड़के हनुमान बेनीवाल
राजस्थान: 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' को कैबिनेट की मंजूरी, एक साथ होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव
राजस्थान: 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' को कैबिनेट की मंजूरी, एक साथ होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव
राजस्थान में नहीं थम रहा प्रसूताओं की मौत का सिलसिला, अब जोधपुर में 2 की गई जान
राजस्थान में नहीं थम रहा प्रसूताओं की मौत का सिलसिला, अब जोधपुर में 2 की गई जान

वीडियोज

Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Bigg Boss 20 का बड़ा Twist! Salman Khan के ‘Karan Arjun’ Hint से खुला Two Lives का राज
Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
IPL 2027 में नहीं खेलेंगे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर? कोच का बयान उड़ा देगा सभी 10 टीमों के होश
IPL 2027 में नहीं खेलेंगे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर? कोच का बयान उड़ा देगा सभी 10 टीमों के होश
DC OTT Release: लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
MP ESB Recruitment 2026: 5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
Embed widget